अध्याय 1 प्राचीन भारत

1. नागर, द्राविड़ और वेसर हैं
(a) भारतीय उपमहाद्वीप के तीन मुख्य जातीय समूह
(b) तीन मुख्य भाषा वर्ग, जिनमें भारत की भाषाओं को विभक्त किया जा सकता है
(c) भारतीय मन्दिर वास्तु की तीन मुख्य शैलियाँ
(d) भारत में प्रचलित तीन मुख्य संगीत घराने
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। नागर, द्रविड़ और वेसर प्राचीन भारत की मन्दिर निर्माण की शैलियाँ हैं। नागर शैली उत्तर भारत में, वेसर शैली मध्य भारत में तथा द्रविड़ शैली दक्षिण भारत में प्रचलित थीं। [1995, 2012]


2. चोल काल के दौरान नटराज की कांस्य प्रतिमा, देवता को निरपवाद रूप से निम्नलिखित के साथ दिखाती है:
(a) आठ हाथ (b) छह हाथ
(c) चार हाथ (d) दो हाथ
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। नटराज के कांस्य चिह्न जो चोल काल के दौरान डाले गए थे, देवता को चार हाथों से दिखाते हैं। [1995]


3. दर्शन की मीमांसा प्रणाली के अनुसार, मुक्ति निम्नलिखित में से किन साधनों से संभव है?
(a) ज्ञान (b) भक्ति
(c) योग (d) कर्म
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। अंतिम अधिकार के रूप में वेद को दर्शनशास्त्र की मीमांसा प्रणाली में मान्यता दी गई थी जिसमें मुक्ति के लिए कर्मकांड पर जोर दिया गया था। मीमांसा का अर्थ खोज या छानबीन होता है। इसके दो भाग हैं। पूर्व मीमांसा और उत्तर मीमांसा। पूर्व मीमांसा धर्म की व्याख्या सद्गुणों, नैतिकता और कर्तव्य के रूप में करती है। मीमांसा दर्शनशास्त्र कर्म के सिद्धांत पर जोर देता है जिसके अनुसार ‘कर्म’ मुक्ति का माध्यम बन सकता है। [1995]


4. अणुव्रत सिद्धांन्त का प्रतिपादन किया था:
(a) महायान बौद्ध सम्प्रदाय ने (b) हीनयान बौद्ध सम्प्रदाय ने
(c) जैन धर्म ने (d) लोकायत शाखा ने
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। जैन धर्म में पाँच महाव्रतों – अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्र्रचर्य – के पालन का विधान है। जैन भिक्षु इसे कठोरता से पालन करते हैं। गृहस्थ जीवन व्यतीत करने वाले जैनियों के लिए भी ये पाँच नियम अनिवार्य हैं, किन्तु उनकी कठोरता में कमी कर दी गयी है, इसीलिए इसे अणुव्रत कहा जाता है। [1995]


5. प्राचीन संस्कृत ग्रन्थों में प्राप्त ‘यवनप्रिय’ शब्द द्योतक था:
(a) एक प्रकार की उत्कृष्ट भारतीय मलमल का
(b) हाथी दाँत का
(c) नृत्य के लिए यवन राजसभा में भेजी जाने वाली नर्तकियों का
(d) कालीमिर्च का
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। यवन इण्डो-ग्रीक थे। उन्हें काली-मिर्च बहुत अधिक पसन्द थी इसलिये कालीमिर्च का नाम ही ‘यवनप्रिय’ हो गया और तब से इसी ‘यवनप्रिय’ नाम से जाना जाता है। [1995]


6. अशोक का अपने शिलालेखों में सामान्यत: जिस नाम से उल्लेख हुआ है, वह है-
(a) चक्रवर्ती (b) धर्मदेव
(c) धर्मकीर्ति (d) प्रियदर्शी
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। अशोक के अधिकांश शिलालेखों एवं अभिलेखों में उसे प्रियदर्शी ही कहा गया है। यद्यपि कुछ शिलालेखों में देवानाम् प्रिय तथा अशोक नाम का भी उल्लेख मिलता है। [1995]


7. गुप्त काल में लिखित संस्कृत नाटकों में स्त्री और शुद्र बोलते हैं:
(a) संस्कृत (b) प्राकृत
(c) पालि (d) सौरसेनी
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। गुप्त काल के दौरान लिखे गए संस्कृत नाटकों के अनुसार, ऊपरी तीन वर्णों के पुरुष संस्कृत बोलते थे, जबकि निचले वर्ण यानी शूद्र और सभी वर्णों की महिलाएँ प्राकृत में बात करती थीं। [1995]


8. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये हुए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए:
सूची-I सूची- II (संवत् ) (किसी समय से गणना)
A. विक्रम संवत् 1. 3102 ई. पू.
B. शक संवत् 2. 320 ई.
C. गुप्त संवत् 3. 78 ई.
D. कलि संवत् 4. 58 ई.पू.
5. 248 ई.
कूट:

(a) A – 2; B – 4; C – 5; D – 1
(b) A – 1; B – 3; C – 2; D – 4
(c) A – 4; B – 5; C – 2; D – 3
(d) A – 4; B – 3; C – 2; D – 1
Ans: (d) [1995]


9. निम्नलिखित में कौन-सी वह ब्र्रवादिनी थी जिसने कुछ वेद मन्त्रों की रचना की थी?
(a) लोपामुद्रा (b) गार्गी (c) लीलावती (d) सावित्री
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। लोपामुद्रा, घोषा, सिक्ता, विश्ववारा, अपाला और निवावरी आदि विदुषी स्त्रियों ने वेदमंत्रों (वैदिक द्भचाओं) की रचना की थी। [1995]


10. हिन्द (भारत) की जनता के सन्दर्भ में ‘हिन्दू’ शब्द का प्रथम बार प्रयोग किया था:
(a) यूनानियों ने (b) रोमवासियों ने
(c) चीनियों ने (d) अरबों ने
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। हिन्दू शब्द का प्रथम बार प्रयोग अरबों ने किया। अरबी लोग ‘स’ के स्थान पर ‘ह’ शब्द का प्रयोग करते थे अत: सिन्धु को उन्होंने हिन्दु कहा। अलबरूनी ने किताब-अल-हिन्द में भारतीयों के लिए हिन्दु शब्द का प्रयोग किया। [1995]


11. प्राचीन भारत के निम्नलिखित ग्रन्थों में से किसमें पति द्वारा परित्यक्त पत्नी के लिए विवाह विच्छेद की अनुमति दी गई है?
(a) कामसूत्र (b) मानवधर्म शास्त्र
(c) शुक्र नीतिसार (d) अर्थशास्त्र
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। अर्थशास्त्र में पति द्वारा परित्यक्त पत्नी के विवाह विच्छेद की अनुमति दी गई है। अर्थशास्त्र की रचना कौटिल्य द्वारा की गयी थी। यह राजनीतिशास्त्र पर लिखी गई पुस्तक है। विवाह विच्छेद के लिए अर्थशास्त्र में ‘मोक्ष’ शब्द का प्रयोग किया गया है। [1996]


12. सूची-I और सूची-II को सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिये गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए:
सूची-I सूची- II
A. विशाखदत्त 1. चिकित्सा
B. वराहमिहिर 2. नाटक
C. चरक 3. खगोल विज्ञान
D. ब्र्रगुप्त 4. गणित
कूट:

(a) A – 1; B – 3; C – 4; D – 2
(b) A – 2; B – 1; C – 3; D – 4
(c) A – 2; B – 3; C – 1; D – 4
(d) A – 3; B – 4; C – 1; D – 2
Ans: (c) [1996]


13. निम्नलिखित में से किस मूर्तिकला में सदैव हरित स्तरित चट्टान (शिस्ट) का प्रयोग माध्यम के रूप में होता था?
(a) मौर्य मूर्तिकला (b) मथुरा मूर्तिकला
(c) भरहुत मूर्तिकला (d) गान्धार मूर्तिकला
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। भरहुत स्तूप तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में मौर्य सम्राट अशोक ने स्थापित करवाये थे। परन्तु दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में भी शुंग काल के दौरान इन स्तूपों पर कलात्मक कार्य प्रारम्भ हुए थे। भरहुत से प्राप्त अवशेषों में बुध की पूर्व जन्म की जातक कथाओं के दृश्य तथा वृक्ष, वेदिकाएँ, पुष्प, जानवरों की आकृतियाँ आदि रेखांकित कर बनाई गई हैं। भरहुत मूर्तिकला में सदैव हरित स्तरित चट्टान (शिस्ट) का प्रयोग माध्यम के रूप में होता था। [1996]


14. निम्नलिखित में से कौन गुप्तकाल में अपनी आयुर्विज्ञान विषयक रचना के लिए जाना जाता है?
(a) सौमिल्ल (b) शुद्रक (c) शौनक (d) सुश्रुत
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। सुश्रुत, गुप्तकाल में अपनी आयुर्विज्ञान विषयक रचना ‘सुश्रुत संहिता’ के लिए जाने जाते हैं। इनका आविर्भाव चरक के कुछ समय बाद हुआ था। इन्होंने शल्य चिकित्सा के 121 उपकरणों का उल्लेख किया है। इन्हें शल्य चिकित्सा एवं प्लास्टिक सर्जरी का जनक माना जाता है। [1996]


15. प्राचीन भारतीय समाज के प्रसंग में निम्नलिखित शब्दों में से कौन-सा शब्द शेष तीन के वर्ग का नहीं है?
(a) कुल (b) वंश (c) कोश (d) गोत्र
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। ‘कोष’ शब्द खजाने के लिये प्रयुक्त किया जाता था और बाकी तीन शब्दों का सम्बन्ध परिवार से है। [1996]


16. निम्नलिखित में से कौन-से तथ्य बौद्ध धर्म और जैन धर्म दोनों में समान रूप से विद्यमान थे? 1. तप और भोग की अति का परिहार
2. वेद प्रामाण्य के प्रति अनास्था
3. कर्मकाण्डों की फलता का निषेध
4. प्राणियों की हिंसा का निषेध (अहिंसा) नीचे दिए हुए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:

(a) 1, 2, 3 और 4 (b) 2, 3 और 4
(c) 1, 3 और 4 (d) 1 और 2
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। जैन धर्म में अतिवाद और तपस्या पर जोर दिया गया, जबकि बौद्ध धर्म में मध्यम मार्ग पर जोर दिया गया। वेद प्रमाण्य के प्रति अनास्था, कर्मकाण्डों की फलता का निषेध तथा प्राणियों की हिंसा का निषेध (अहिंसा) जैसे सिधान्त दोनों धर्मो में समान रूप से विद्यमान थे। जैन धर्म में तप और भोग की अति का परिहार नहीं था, बल्कि इस पर अधिक बल दिया, जबकि बौध धर्म ने तप और भोग के अति की निन्दा की तथा मध्यममार्ग का अनुसरण करने को कहा। ‘संल्लेखन’ जैनधर्म के अतिवादी रूप का उदाहरण है। [1996]


17. निम्नलिखित में से कौन-सा आरम्भिक जैन साहित्य का भाग नहीं है?
(a) थेरीगाथा (b) आचारांगसूत्र
(c) सूत्रकृतांग (d) वृहत्कल्पसूत्र
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। ‘थेरीगाथा’ बौध साहित्य का भाग है जैन साहित्य का नहीं। जबकि आचारांगसूत्र, सूत्रकृतांग एवं वृहत्कल्पसूत्र जैन साहित्य के भाग है। [1996]


18. आरम्भिक वैदिक साहित्य में सर्वाधिक वर्णित नदी है:
(a) सिन्धु (b) शुतुद्री (c) सरस्वती (d) गंगा
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। आरम्भिक वैदिक साहित्य (ऋग्वेद) में सर्वाधिक वर्णित नदी सिंधु है। दूसरी सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण एवं पवित्र नदी सरस्वती है। गंगा का सिर्फ एक बार एवं यमुना का तीन बार उल्लेख है। [1996]


19. देवदासी संस्था के प्रसंग में निम्नलिखित में से कौन-सा मन्दिर समाचारों में चर्चित रहा है?
(a) जगन्नाथ मन्दिर, पुरी
(b) पशुपतिनाथ मन्दिर, काठमाण्डू
(c) कन्दरिया महादेव मन्दिर, खजुराहो
(d) चौसठ योगिनी मन्दिर, भेड़ाघाट
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। पुरी का जगन्नाथ मंदिर देवदासी संस्था के प्रसंग में चर्चित रहा है। [1996]


20. प्राचीन भारत के विश्वोत्पत्ति (Cosmogonic) विषयक धारणाओं के अनुसार चार युगों के चक्र का क्रम इस प्रकार है:
(a) द्वापर, कृत, त्रेता और कलि
(b) कृत, द्वापर, त्रेता और कलि
(c) कृत, त्रेता, द्वापर और कलि
(d) त्रेता, द्वापर, कलि और कृत
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। कृतिका, त्रेता, द्वापर, और कलियुग प्राचीन भारतीय विचारों के अनुसार युग का सही क्रमबद्ध क्रम है। [1996]


21. पुलकेशिन-प्रथम बादामी शिलालेख शकवर्ष 465 का दिनांकित है। यदि इसे विक्रम संवत् में दिनांकित करना हो तो वर्ष होगा:
(a) 601 (b) 300
(c) 330 (d) 407
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। शक सम्वत् 78 ई. में प्रारम्भ हुआ, जबकि विक्रम सम्वत् 58 ई. पू. में प्रारम्भ हुआ। अत: यदि हम विक्रमसम्वत् से पुलकेशन-प्रथम का बादामी अभिलेख बदलना चाहते हैं तो ये होगा 465 + 78 + 58 = 601 विक्रम संवत्। [1997]


22. निम्नलिखित में से कौन-सा प्राचीन भारत में व्यापारियों का निगम था?
(a) चतुर्वेदीमंगलम (b) परिषद
(c) अष्टदिग्गज (d) मणिग्राम
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। ‘मणिग्राम’ पश्चिमी चालुक्य शासकों के समय दक्षिण-भारतीय व्यापारियों की एक प्रभावशाली गिल्ड थी। [1997]


23. सूची Iको सूची II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए हुए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए:
सूची-I (ग्रन्थाकार) सूची-II (मूलग्रन्थ)
A. वराहमिहिर 1. प्रबन्ध चिन्तामणि
B. विशाखदत्त 2. मृच्छकटिकम्
C. शुद्रक 3. वृहत्-संहिता
D. विल्हण 4. देवीचन्द्रगुप्तम
5. विक्रमांकदेवचरित
कूट:

(a) A – 3; B – 4; C – 5; D – 2
(b) A – 3; B – 4; C – 2; D – 5
(c) A – 5; B – 3; C – 4; D – 1
(d) A – 1; B – 3; C – 5; D – 2
Ans: (b) [1997]


24. गुप्त शासकों द्वारा जारी किए गए चाँदी के सिक्के कहलाते थे:
(a) रूपक (b) कार्षापण (c) दीनार (d) पण
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। ‘रूपक’ गुप्त शासकों द्वारा जारी चांदी के सिक्के थे। भरतपुर, राजस्थान में इन सिक्कों की अधिकतम संख्या पाई गई। [1997]


25. महायान बौद्ध धर्म में बोधिसत्व अवलोकितेश्वर को और किस अन्य नाम से जानते हैं?
(a) वज्रपाणि (b) मंजुश्री
(c) पद्मपाणि (d) मैत्रेय
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। अवलोकितेश्वर बोधिसत्व है जो बौद्धों की करूणा के साकार रूप थे। ये महायान शाखा के अत्यन्त पूज्यनीय बोधिसत्वों में से एक थे। संस्कृत में अवलोकितेश्वर को पद्मपाणि (कमल को धारण किये हुए) अथवा लोकेश्वर (विश्व का स्वामी) के रूप में भी इंगित किया गया है। [1997]


26. निम्नलिखित मानचित्र में प्राचीन भारत में पाये जाने वाले सोलह महाजनपदों में से चार दर्शाए गए हैं क्रमश: A , B, C, Dद्वारा अंकित स्थल कौन-से हैं?
(a) मत्स्य, चेदि, कोसल, अंग
(b) सूरसेन, अवन्ति, वत्स, मगध
(c) मत्स्य, अवन्ति, वत्स, अंग
(d) सूरसेन, चेदि, कोसल, मगध
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। मानचित्र में क्रमश: A , B, C, और D द्वारा अंकित महाजनपद है- मत्स्य, अवन्ति वत्स और अंग। [1997]


27. निम्नलिखित में से किस एक राज्यादेश में अशोक के व्यक्तिगत नाम का उल्लेख मिलता है?
(a) कालसी (b) रूम्मिनदेई
(c) विशिष्ट कलिंग राज्यादेश (d) मास्की
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। अशोक के व्यक्तिगत नाम का उल्लेख मास्की और गुर्जर के संपादकों में किया गया था। [1997]


28. ‘मिलिन्दपन्हो’ राजा मिलिन्द और किस बौद्ध भिक्षु के मध्य संवाद के रूप में है?
(a) नागसेन (b) नागार्जुन
(c) नागभट्ट (d) कुमारिल भट्ट
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। मिलिन्दपन्हो में इण्डो ग्रीक राजा मिलिन्द (मिनान्डर) और बौध भिक्षु नागसेन के संवाद हैं। यह पालि भाषा में लिखा गया ग्रंथ है। [1997]


29. नचिकेता और यम के बीच सुप्रसिद्ध संवाद उल्लिखित है-
(a) छान्दोग्योपनिषद् में (b) मुण्डकोपनिषद् में
(c) कठोपनिषद् में (d) केनोपनिषद् में
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। ‘कठोपनिषद’ में नचिकेता तथा यमराज (मृत्यु के देवता) के बीच संवाद है। इसमें नचिकेता शिष्य तथा यमराज गुरु थे। [1997]


30. प्राचीन भारत में निम्नलिखित में से कौन-सी एक लिपि दायीं ओर से बायीं ओर लिखी जाती थी?
(a) ब्रा्री (b) देवनागरी (c) शारदा (d) खरोष्ठी
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। खरोष्ठी लिपि दाईं से बाईं ओर लिखी जाती है, जो भारतीय भाषा की वर्णमाला प्रणाली से विकसित हुई है। [1997]


31. निम्नलिखित वक्तव्यों में कौन-सा एक वक्तव्य अशोक के प्रस्तर स्तम्भों के बारे में गलत है?
(a) इन पर बढ़िया पॉलिश है
(b) यह अखण्ड है
(c) स्तम्भों का शॉफ्ट शुण्डाकार है
(d) ये स्थापत्य संरचना के भाग हैं
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। अशोक के पाषाण स्तम्भ धम्म के प्रचार के लिये निर्मित किये गये थे। ये स्थापत्य का भाग नहीं थे। [1997]


32. सूची Iको सूची IIसे सुमेलित कीजिए और सूचियों के
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए:
सूची-I सूची- II
A. गुप्त 1. बादामी
B. चन्देल 2. पनमलै
C. चालुक्य 3. खजुराहो
D. पल्लव 4. देवगढ़
कूट:

(a) A – 4; B – 3; C – 1; D – 2
(b) A – 4; B – 2; C – 3; D – 1
(c) A – 2; B – 3; C – 4; D – 1
(d) A – 3; B – 4; C – 1; D – 2
Ans: (a) [1997]


33. दिया गया मानचित्र सम्बन्धित है:
(a) कनिष्क से, उसकी मृत्यु के समय
(b) समुद्रगुप्त से, उसके दक्षिण भारत अभियान के उपरान्त
(c) अशोक से, उसके शासनकाल के अन्तिम समय
(d) हर्ष के राज्यारोहण के अवसर पर थानेश्वर के साम्राज्य से
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। दिया गया नक्शा अशोक के शासन के अंतिम समय से सम्बन्धित है। अशोक महान (304–232 ई. पू.) मौर्य राजवंश का भारतीय राजा था। उसने लगभग सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप पर 269 से 232 ई. पूर्वतक शासन किया। उसका शासन विस्तार वर्तमान में पाकिस्तान तक, पश्चिम में अफगानिस्तान तक, वर्तमान बांग्लादेश तक तथा पूर्व में भारतीय राज्य आसाम तक तथा दक्षिण में केरल तथा आंध्र तक था। [1998]


34. अष्टांग मार्ग की संकल्पना अंग है:
(a) दीपवंश की विषय वस्तु का
(b) दिव्यावदान की विषय वस्तु का
(c) महापरिनिर्वाण की विषय वस्तु का
(d) धर्मचक्र प्रवर्तन सुत की विषय वस्तु का
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। बुध ने सांसारिक दुखों से मुक्ति के लिये अष्टांगिक मार्ग की संकल्पना का प्रतिपादन किया, जिसे बुध का मध्यम मार्ग कहा गया है, जिस पर चलकर निर्वाण की प्राप्ति सम्भव है। [1998]


35. निम्नलिखित प्राचीन भारतीय अभिलेखों में से कौन-से एक में खाद्यान्न को देश में संकटकाल में उपयोग हेतु सुरक्षित रखने के बारे में प्राचीनतम शाही आदेश है?
(a) सोहगौरा ताम्रपत्र
(b) अशोक का रुम्मिनदेई स्तम्भ-लेख
(c) प्रयाग प्रशस्ति
(d) चन्द्र का महरौली स्तम्भ शिलालेख
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। अशोक के सोहगौरा तथा महास्थान अभिलेखों से पता चलता है कि अकाल के संकट के समय राज्य कोषागार से अन्न वितरण किया गया। [1998]


36. निम्नलिखित युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
1. लोथल : प्राचीन गोदी क्षेत्र
2. सारनाथ : बुद्ध का प्रथम धर्मोपदेश
3. राजगीर : अशोक का सिंह स्तम्भ शीर्ष
4. नालन्दा : बौद्ध अधिगम का महान् पीठ नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-
कूट:

(a) 1, 2, 3 और 4 (b) 3 और 4
(c) 1, 2 और 4 (d) 1 और 2
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। निम्नलिखित का सही सुमेलन इस प्रकार है – प्राचीन गोदी क्षेत्र – लोथल बुध का प्रथम धर्मोपदेश – सारनाथ अशोक का सिंह स्तम्भ शीर्ष – सारनाथ बोध अधिगम का महान पीठ – नालन्दा [1998]


37. इस प्रश्न में दो वक्तव्य हैं एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है, इन दोनों वक्तव्यों का सावधानीपूर्वक परीक्षण कर इन प्रश्नों का उत्तर नीचे दिए हुए कूट की सहायता से चुनिए:
कथन (A) :अशोक के राजादेशों के अनुसार धार्मिक निष्ठा की अपेक्षा जनता के मध्य सामाजिक समरसता अधिक महत्त्वपूर्ण थी।
कारण (R) :उसने धर्म संवर्धन के स्थान पर समदृष्टि के विचारों का प्रसार किया।
कूट:

(a) A और R दोनों सही है, और R , A का सही स्पष्टीकरण है
(b) A और R दोनों सही है, परन्तु R , A का सही स्पष्टीकरण नहीं है
(c) A सही है, परन्तु R गलत है
(d) A गलत है, परन्तु R सही है
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। अशोक के अभिलेख लोगों के बीच सामाजिक सामन्जस्य पर बल देते हैं जिसने समानता व निष्पक्षता का संदेश दिया धमर् के प्रोत्साहन का नहीं। [1998]


38. भारत में निम्नलिखित के आने का सही कालानुक्रम क्या है?
1. सोने के सिक्के 2. आहत मुद्रा चाँदी के सिक्के
3. लोहे का हल 4. नगर संस्कृति नीचे दिए गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

(a) 3, 4, 1, 2 (b) 3, 4, 2, 1
(c) 4, 3, 1, 2 (d) 4, 3, 2, 1
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। निम्नलिखित का भारत में आने का सही कालानुक्रम इस प्रकार है- नगर संस्कृति, लोहे का हल, आहत मुद्रा, सोने के सिक्के। नगर संस्कृति – (हड़प्पा युग में) लोहे का हल – (उत्तर वैदिक युग में) आहत मुद्रा चांदी के सिक्के – (बुध युग में ) सोने के सिक्के – (मौर्योत्तर युग में ) [1998]


39. निम्नलिखित युग्मों में से सही सुमेलित है:
1. मृच्छकटिकम् – शुद्रक
2. बुद्धचरित – वसुवन्धु
3. मुद्राराक्षस – विशाखदत्त
4. हर्षचरित – बाणभट्ट नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
कूट:

(a) 1, 2, 3 और 4 (b) 1, 3 और 4
(c) 1 और 4 (d) 2 और 3
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। मृच्छकटिकम के रचयिता शुद्रक, मुद्राराक्षस के रचयिता विशाखदत्त, हर्षचरित के रचयिता बाणभट्ट थे। बुधचरित नामक ग्रन्थ की रचना अश्वघोष ने की थी। [1998]


40. अशोक के जो प्रमुख शिलालेख (Rock Edicts) संगम राज्य के विषय में हमें बताते हैं, उनमें सम्मिलित हैं:
(a) पहला और दसवाँ शिलालेख
(b) पहला और ग्यारहवाँ शिलालेख
(c) दूसरा और तेरहवाँ शिलालेख
(d) दूसरा और चौदहवाँ शिलालेख
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। अशोक के दूसरे एवं तेरहवें शिलालेख से हमें संगम राज्य चोल, चेर (केरलपुत्र) , पाण्ड्य एवं सतियपुत्र की जानकारी मिलती है। पहले अभिलेख में पशुबलि की निंदा, दसवे में ख्याति व गौरव की निंदा, ग्यारहवें में धम्म नीति की व्याख्या तथा चौदहवें में जनता को धार्मिक जीवन जीने के लिए प्रेरित करने का उल्लेख है। [1998]


41. यूनानी, कुषाण एवं शकों में से कई ने हिन्दू धर्म के स्थान पर बौद्ध को अपनाया, क्योंकि:
(a) बौद्ध धर्म का उस समय प्रभुत्व था
(b) उन्होंने युद्ध और हिंसा की नीति का परित्याग कर दिया था
(c) जाति प्रथा से अभिभूत हिन्दू धर्म की ओर वे आकर्षित नहीं हुए
(d) बौद्ध धर्म के माध्यम से भारतीय समाज तक पहुँच अधिक आसान था।
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। यूनानी, कुषाण एवं शक शासकों में से कई ने हिन्दू धर्म के स्थान पर बौध धर्म को अपनाया, क्योंकि जाति प्रथा से अभिभूत हिन्दू धर्म की ओर वे आकर्षित नहीं हुए। हिन्दू धर्म में उस समय कई प्रकार की सामाजिक एवं धार्मिक कुरीतियाँ आ गई थीं। इसके विपरीत बौध धर्म की उदारता एवं प्रगतिशीलता से वे काफी प्रभावित एवं आकर्षित हुए। [1998]


42. गुप्त काल में उत्तर भारतीय व्यापार निम्नलिखित में से किस एक पत्तन से संचालित होता था?
(a) ताम्रलिप्ति (b) भड़ौच
(c) कल्याण (d) कैम्बे
Ans: . (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। . (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। ताम्रलिप्ति या ताम्रलिप्त बंगाल की खाड़ी में स्थित एक प्राचीन काल का शहर था जिसे वर्तमान भारत के तामलुक से समीकृत किया जाता है। ताम्रलिप्ति प्रारम्भिक ऐतिहासिक भारत में व्यापार व वाणिज्य का एक प्रमुख नगरीय केन्द्र रहा है। यहाँ से व्यापार सिल्क रोड से उत्तरापथ होते हुए मुख्य व्यापारिक मार्ग से मध्य-पूर्व और यूरोप से होता था और समुद्री रास्ते से बाली, जावा और सुदूर पूर्व से व्यापार होता था। [1999]


43. ‘आर्य’ शब्द इंगित करता है:
(a) नृजाति समूह को (b) यायावरी जन को
(c) भाषा समूह को (d) श्रेष्ठ वंश को
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। ‘आर्य’ शब्द भाषायी समूह का व्यंजक है। आर्यों की भाषा संस्कृत थी। संस्कृत भारोपीय भाषा परिवार का हिस्सा है। इन्हें भाषा परिवार इसलिए कहा गया क्योंकि आंरभ में उनमें कई शब्द एक जैसे थे। 1500 ईद्ब्र पूद्ब्र के आस-पास जब आर्यो ने भारत में प्रवेश किया तो वे एक ही भाषा का प्रयोग करते थे। [1999]


44. ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी के प्रारम्भ में उत्तरी अफगानिस्तान में स्थापित भारत यूनानी राज्य था:
(a) बैक्टि“या (b) सीथिया (c) जेडरेसिया (d) आरिया
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी के प्रारम्भ में उत्तरी अफगानिस्तान में स्थापित भारत यूनानी राज्य बैक्टि“या था। [1999]


45. निम्नलिखित में से कौन-सा एक ईसा पूर्व छठी शताब्दी में प्रारम्भ में भारत का सर्वाधिक शक्तिशाली नगर राज्य था?
(a) गन्धार (b) कम्बोज (c) काशी (d) मगध
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। ईसा पूर्व छठी शताब्दी में भारत का सर्वाधिक शक्तिशाली नगर राज्य मगध था। मगध का सोलह महाजनपदों के अन्य राज्यों से शक्तिशाली होने का मुख्य कारण वहाँ की भौगोलिक दशाएँ थी। इसके अतिरिक्त सुयोग्य एवं महत्वाकांक्षी राजाओं का नेतृत्व भी मगध के शक्तिशाली होने का एक कारण था। [1999]


46. निम्नलिखित व्यक्ति भारत में किसी न किसी समय आए?
1. फाऌान 2. इत्सिंग
3. मेगस्थनीज 4. ह्वेनसांग इनके आगमन का सही कालानुक्रम है:

(a) 3, 1, 2, 4 (b) 3, 1, 4, 2
(c) 1, 3, 2, 4 (d) 1, 3, 4, 2
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। निम्नलिखित व्यक्तियों के भारत आगमन का सही कालानुक्रम इस प्रकार है- 1. मेगस्थनीज 2. फाह्यान 3. ह्वेनसांग 4. इत्सिंग। 1. मेगस्थनीज – चन्द्रगुप्त मौर्य के शासन काल में 2. फाह्यान – चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के शासन काल में 3. ह्वेनसांग – हर्षवर्द्धन के शासन काल में 4. इत्सिंग – सातवीं सदी में (हर्षवर्द्धन के शासन काल के बाद) [1999]


47. ईसा की तीसरी शताब्दी में, जबकि हूण आक्रमण से रोमन साम्राज्य समाप्त हो गया, भारतीय व्यापारी अधिकाधिक निर्भर हो गये:
(a) अफ्रीकी व्यापार पर
(b) पश्चिमी यूरोपीय व्यापार पर
(c) दक्षिण-पूर्व एशियाई व्यापार पर
(d) मध्य पूर्वी व्यापार पर
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। ईसा की तीसरी शताब्दी में जब हूण आक्रमण से रोमन साम्राज्य समाप्त हो गया तब भारतीय व्यापारी अधिकाधिक दक्षिण-पूर्व एशियाई व्यापार पर निर्भर हो गये। [1999]


48. सिकन्दर के हमले के समय उत्तर भारत पर निम्नलिखित राजवंशों में से किस एक का शासन था?
(a) नन्द (b) मौर्य (c) शुंग (d) कण्व
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। सिकन्दर (एलेक्जेन्डर) ने 326 ई. पू. में भारत पर आक्रमण किया। उस समय भारत पर नंदों का शासन था। तिथिक्रम की दृष्टि से इन चार राजवंशों का क्रम है- नंद, मौर्य, शुंग व कण्व। [2000]


49. भारत में प्रथम बार सैनिक शासन (Military Governorship) व्यवहार में लाया गया:
(a) ग्रीकों द्वारा (b) शकों द्वारा
(c) पार्थियनों द्वारा (d) मुगलों द्वारा
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। भारत में प्रथम बार सैनिक शासन ग्रीकों (यूनानियों) द्वारा व्यवहार में लाया गया था। सिकन्दर ने अपने द्वारा जीते हुए प्रदेशों को अपने सैनिक अधिकारियों के अन्तर्गत रखा था। [2000]


50.
कथन (A) :अशोक ने कलिंग को मौर्य साम्राज्य में जोड़ लिया।
कारण (R) :कलिंग दक्षिण भारत से आने वाले स्थलीय एवं समुद्री मार्गों को नियन्त्रित करता था।

(a) A और R दोनों ही सही है, तथा R , A की सही व्याख्या करता है
(b) A और R दोनों सही है, किन्तु R , A की सही व्याख्या नहीं करता है
(c) A सही है, जबकि R गलत है
(d) A गलत है, जबकि R सही है
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। प्राचानी भारत में कलिंग राज्य का अत्यंत सामरिक महत्व था एवं यह दक्षिण भारत से आने वाले स्थलीय एवं समुद्री मार्गों को नियंत्रित करता था, इसी कारण अशोक ने 261 ई. पू. में कलिंग पर आक्रमण कर इसे अपने राज्य में मिला लिया। [2000]


51.
कथन (A) :प्राचीन भारत में सामन्ती व्यवस्था (Feudal system) का अभ्युदय सैनिक अभियानों में देखा जा सकता है।
कारण (R) :गुप्तकाल में सामन्ती व्यवस्था का पर्याप्त विस्तार हुआ। उपरोक्त के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन एक सही है?

(a) A और R दोनों सही है, और A की सही व्याख्या R है
(b) A और R दोनों सही है, किन्तु A की सही व्याख्या R नहीं है
(c) A सही है, किन्तु R गलत है
(d) A गलत है, किन्तु R सही है
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। प्राचीन भारत में राजाओं ने (विशेष रूप से मौर्य काल के बाद) भूमि का स्वामित्व ब्रा्रणों, विधानों, धार्मिक संस्थानों को देना शुरू कर दिया था। ऐसा सैन्य अभियान के दौरान अधिक होता था। गुप्तकाल में सामंतवाद का विस्तार हुआ तथा सामंतों को पर्याप्त अधिकार था। उन्हें व्यापारियों और शिल्पियों के संघ एवं अन्य सामुदायिक संस्थाओं के साथ सत्ता में भागीदार बनाया जाता था। [2000]


52.
कथन (A) : जैन धर्म के अहिंसा पर बल ने कृषकों को जैन धर्म अपनाने से रोका।
कारण (R) :कृषि में कीटों एवं पीड़कों की हत्या होना शामिल है।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए-

(a) A तथा R दोनों सही है, तथा R , A की सही व्याख्या है
(b) A तथा R दोनों सही है, किन्तु R , A की सही व्याख्या नहीं है
(c) A सही है, किन्तु R गलत है
(d) A गलत है, किन्तु R सही है
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। दोनों कथन सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है क्योंकि अत्यधिक अहिंसा ने कृषकों को जैन धर्म अपनाने से रोका। [2000]


53.
कथन (A) :पाण्डिनेन किलकनक्कु समूह (Padinen Kilukanakku Group) की अहम (Aham) एवं पुरम (Puram) कविताएँ संगम रचनाओं का अनवर्तन हैं।
कारण (R) :उन्हें प्रमुख संगम (Sangam) रचनाओं के विपरीत उत्तर संगम रचनाओं में सम्मिलित किया गया।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए

(a) A और R दोनों सही है, तथा R , A की सही व्याख्या है
(b) A और R दोनों सही है, किन्तु R , A की सही व्याख्या नहीं है
(c) A सही है, किन्तु R गलत है
(d) A गलत है, किन्तु R सही है
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। संगम कालीन शिक्षाप्रद कविताओं को किलुकनक्कु कहा जाता है। ये 18 भागों में विभाजित है जिसमें तिरकुरूल व नाडियार हैं। अहम व पुरम कवितायें (किलुकनक्कु) उत्तर संगम काल में लिखी गइख्र। इसलिये (A) की सही व्याख्या (R) है। [2000]


54. निम्नलिखित पशुओं में से किस एक का हड़प्पा संस्कृति में मिली मुहरों और टेराकोटा कलाकृतियों में निरूपण (Representation) नहीं हुआ था?
(a) गाय (b) हाथी (c) गैंडा (d) बाघ
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। मुहरों पर गाय, ऊँट, घोड़ा व शेर को प्रदर्शित नहीं किया गया था। एक शृंगी बैल अधिकांशत: मुहरों पर दर्शाया गया। [2001]


55. कश्मीर में कनिष्क के शासनकाल में जो बौद्ध संगीति आयोजित हुई थी उसकी अध्यक्षता निम्नलिखित में से किसने की थी?
(a) पाश्र्व (b) नागार्जुन (c) शूद्रक (d) वसुमित्र
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। कश्मीर के कुण्डलवन में कनिष्क के शासन काल में चतुर्थ बौध संगीति का आयोजन हुआ। इस बौध संगीति की अध्यक्षता वसुमित्र ने की थी। अश्वधोष इसके उपाध्यक्ष थे। [2001]


56. चोल राजाओं में किस एक ने सीलोन (Ceylon) पर विजय प्राप्त की थी?
(a) आदित्य प्रथम (b) राजराजा प्रथम
(c) राजेन्द्र (d) विजयालय
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। 1017 में राजेन्द्र ने सम्पूर्ण सीलोन (श्रीलंका) जीता। इससे पहले राजराज-प्रथम ने इसका आधा भाग जीता था। [2001]


57.
कथन (A) :हर्षवर्द्धन ने प्रयाग संसद आयोजित की थी।
कारण (R) :वह बौद्ध धर्म की केवल महायान शाखा को लोकप्रिय बनाना चाहता था।

(a) A और R दोनों सही है तथा R , A की सही व्याख्याहै
(b) A और R दोनों सही है, परन्तु R , A की सही व्याख्या नहीं है
(c) A सही है, किन्तु R गलत है
(d) A गलत है, किन्तु R सही है
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। प्रयाग सभा को हर्षवर्धन ने खुद को लोकप्रिय बनाने के लिए दोषी ठहराया था। उन्होंने महायान बौद्ध धर्म को लोकप्रिय बनाने के लिए कन्नौज में एक सम्मेलन बुलाया। [2001]


58. निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा एक सही समेलित है?
(a) हड़प्पा सभ्यता – चित्रित धूसर मृद्भाण्ड
(b) कुषाण – गंधार कला शैली
(c) मुगल – अजंता चित्रकारी
(d) मराठा – पहाड़ी चित्र शैली
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। निम्नलिखित का सही सुमेलन इस प्रकार है – चित्रित धूसर मृद्भाण्ड – उत्तर वैदिक काल गंधार कला शैली – कुषाण काल अजंता चित्रकारी – गुप्त काल पहाड़ी चित्र शैली – मुगल काल [2001]


59. होयसल स्मारक (Hoysala monuments) पाये जाते हैं:
(a) हम्पी और हेलिबिड में (b) हेलिबिड और बेलूर में
(c) मैसूर और बैंगलूर में (d) शृंगेरी और धारवाड़ में
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। प्रारम्भ में होयसलों की राजधानी बेलूर थी परन्तु बाद में हेलीविड हो गई है। [2001]


60. विशाखदत्त के प्राचीन भारतीय नाटक मुद्राराक्षस की विषय वस्तु है:
(a) प्राचीन हिन्दू अनुश्रुति के देवताओं और राक्षसों के बीच संघर्ष के बारे में
(b) एक आर्य राजकुमार और एक कबीली महिला की प्रेम कथा के बारे में
(c) दो आर्य कबीलों के बीच सत्ता के संघर्ष की कथा के बारे में
(d) चन्द्रगुप्त मौर्य के समय में राजदरबार की दुरभिसन्धियों के बारे में
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। विशाखदत्त द्वारा संस्कृत भाषा में रचित नाटक मुद्राराक्षस उत्तर भारत में चन्द्रगुप्त मौर्य के उत्थान व शक्ति के विषय में बताता है। [2002]


61. प्राचीन भारत के बौद्ध मठों में, पवरन नामक समारोह आयोजित किया जाता था जो:
(a) संघपरिनायक और धर्म तथा विनय विषयों पर एक-एक वक्ता को चुनने का अवसर होता था।
(b) वर्षा ऋतु के दौरान मठों में प्रवास के समय भिक्षुओं द्वारा किये गए अपराधों को स्वीकारोक्ति का अवसर होता था।
(c) किसी नए व्यक्ति को बौद्ध संघ में प्रवेश देने का समारोह होता था, जिसमें उसका सिर मुंडवा दिया जाता था और पीले वस्त्र दिये जाते थे।
(d) आषाढ़ की पूर्णिमा के अगले दिन बौद्ध भिक्षुओं के एकत्र होने का अवसर होता था जब वे वर्षा ऋतु के आगामी चार महीनों के लिए निश्चित आवास चुनते थे।
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। पवरन बौद्धों का समारोह था जो ग्यारहवें चन्द्रमास की पूर्णिमा को मनाया जाता था। बौध भिक्षु वर्षा ऋतु के दौरान मठों में प्रवास करते थे तथा अपने अपराधों की स्वीकारोक्ति करते थे। [2002]


62. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
(a) श्रवणबेलगोला स्थित गोमतेश्वर की प्रतिमा जैनियों के अन्तिम तीर्थंकर को दर्शाती है
(b) भारत का सबसे बड़ा बौद्ध मठ अरूणाचल प्रदेश में है
(c) खजुराहो के मन्दिर चन्देल राजाओं द्वारा बनवाए गए
(d) होयशलेश्वर मन्दिर शिव को समर्पित है
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। जैनों के अन्तिम तीर्थंकर (24 वें) महावीर स्वामी थे जबकि श्रवण बेलगोला स्थित गोमतेश्वर की प्रतिमा जैनियों के प्रथम तीर्थंकर द्भषभदेव को दर्शाती है। [2002]


63. सूची-I (प्राचीन स्थल) को सूची II (पुरात्वीय खोज) के साथ सुमेलित कीजिए और नीचे दिए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
सूची-I सूची-II (प्राचीन स्थल) (पुरात्वीय खोज)
A. लोथल 1. जुता हुआ खेत
B. कालीबंगन 2. गोदी-बाड़ा
C. धौलावीरा 3. पक्की मिट्टी की बनी हुई हल की प्रतिकृति
D. बनवाली 4. हड़प्पन लिपि के बड़े आकार के दस चिह्नों वाला एक शिलालेख
कूट:

(a) A – 1; B – 2; C – 3; D – 4
(b) A – 2; B – 1; C – 4; D – 3
(c) A – 1; B – 2; C – 4; D – 3
(d) A – 2; B – 1; C – 3; D – 4
Ans: (b) [2002]


64. निम्न कथनों पर विचार कीजिए:
1. अन्तिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या उसके प्रधान सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने की थी।
2. अन्तिम शुंग राजा देवभूति की हत्या उसके ब्रा्रण मन्त्री वासुदेव कण्व ने की और उसके राजसिंहासन को हथिया लिया।
3. आन्ध्र ने कण्व राजवंश के अन्तिम शासक को पदवंचित किया था। इन कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) 1 और 2 (b) केवल 2
(c) केवल 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। मौर्य शासक बृहद्रथ को उसके सेनापति-पुष्यमित्र शुंग ने मार डाला, जिसके परिणामस्वरूप सुंग वंश की नींव पड़ी। सुंग वंश के अंतिम शासन, देवभूति को उनके ब्राह्मण मंत्री वासुदेव कण्व ने मार डाला था। इसके परिणामस्वरूप कण्व वंश की नींव पड़ी। कण्व वंश के अंतिम शासक को आंध्र सिमुक ने अपदस्थ किया था जिन्होंने सातवाहन वंश की स्थापना की थी। [2003]


65. निम्न कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्धमान महावीर की माता लिच्छवि के मुखिया चेतक की पुत्री थी।
2. गौतम बुद्ध की माता कोशल राजवंश की राजकुमारी थी।
3. 23 वें तीर्थंकर पाश्र्वनाथ बनारस से थे। इन कथनों में कौन-सा सही है/हैं?

(a) केवल 1 (b) केवल 2
(c) 2 और 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। जैन धर्म के संस्थापक महावीर स्वामी के बचपन का नाम वर्धमान था इनका- जन्म – वैशाली के कुण्डग्राम में 540 ई. पूपिता – सिधार्थ माता – त्रिशला (लिच्छवी गणराज्य के प्रमुख चेटक की बहन) बौध धर्म के प्रणेता गौतम बुध के बचपन का नाम सिधार्थ था इनका – जन्म – नेपाल की तराई में स्थित लुम्बिनी वन में 563 ई. पूपिता – शुङ्खोधन (शाक्य गणराज्य के प्रमुख) माता – महामाया (कोशल राज्य की राजकुमारी) जैन धर्म के 23 वें तीथख्रकर पाश्र्वनाथ काशी (बनारस) नरेश अश्वसेन के पुत्र थे, अत: इनका सम्बन्ध बनारस से था। [2003]


66. शूद्रक द्वारा लिखी हुई प्राचीन भारतीय पुस्तक ‘मृच्छकटिकम्’ का विषय था:
(a) एक धनी व्यापारी और एक गणिका की पुत्री की प्रेम-गाथा
(b) चन्द्रगुप्त द्वितीय की पश्चिम भारत के शक क्षत्रपों पर विजय
(c) समुद्रगुप्त के सैन्य अभियान तथा शौर्यपूर्ण कार्य
(d) गुप्त राजवंश के एक राजा तथा कामरूप की राजकुमारी की प्रेम-गाथा
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। मृच्छकटिकम् (मिट्टी की गाड़ी) दूसरी सदी ई. पू. में संस्कृत में शूद्रक द्वारा लिखा गया एक नाटक है। इसमें युवा व्यापारी चारूदत्त तथा उसकी प्रेमिका वसन्तसेना की कहानी है, जो एक गणिका की पुत्री थी। [2003]


67. निम्न कथनों पर विचार कीजिए:
1. चोलों ने पाण्ड्य तथा चेर शासकों को पराजित कर प्रायद्वीपीय भारत पर प्रारम्भिक मध्यकालीन समय में अपना प्रभुत्व स्थापित किया।
2. चोलों ने दक्षिण-पूर्वी एशिया के शैलेन्द्र साम्राज्य के विरुद्ध सैन्य चढ़ाई की तथा कुछ क्षेत्रों को जीता। इन कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 (b) केवल 2
(c) दोनों 1 और 2 (d) उपरोक्त में से कोई नहीं
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। चोल शासक राजराज प्रथम ने पाण्ड्य तथा चेर शासकों को पराजित कर प्रायद्वीपीय भारत पर प्रारंभिक मध्यकालीन समय में अपना प्रभुत्व स्थापित किया। इसके अतिरिक्त इसने श्रीलंका के उत्तरी भाग को जीतकर चोल साम्राज्य का एक प्रान्त बना दिया तथा मालदीव पर भी आधिपत्य स्थापित कर लिया। इसी प्रकार राजेन्द्र चोल ने न केवल सम्पूर्ण श्रीलंका को जीता, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया के शैलेन्द्र साम्राज्य के विरुध सैन्य अभियान कर कुछ क्षेत्रों पर आधिपत्य स्थापित कर लिया। [2003]


68. नर्मदा नदी पर सम्राट हर्ष के दक्षिणावर्ती आगमन को रोका:
(a) पुलकेशिन प्रथम ने (b) पुलकेशिन द्वितीय ने
(c) विक्रमादित्य प्रथम ने (d) विक्रमादित्य द्वितीय ने
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। हर्षवर्धन के दक्षिण की ओर प्रस्थान को नर्मदा नदी पर चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय ने रोका। [2003]


69. निम्नलिखित चार वेदों में से किस एक में जादुई माया और वशीकरण (Magical charm and spells) का वर्णन है ?
(a) ऋग्वेद (b) यजुर्वेद
(c) अथर्ववेद (d) सामवेद
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। अथर्ववेद तन्त्र-मंत्र, जादू आदि से सम्बन्धित ग्रंथ है। इसमें जादू-टोना व वशीकरण से सम्बन्धित मंत्र हैं, जिनका प्रयोग बुरी शक्तियों व बीमारियों को दूर करने के लिये किया जाता है। [2004]


70. प्राचीन जैन धर्म के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है?
(a) स्थलबाहु के नेतृत्व में दक्षिण भारत में जैन धर्म का प्रचार हुआ।
(b) पाटलिपुत्र में हुई परिषद् के पश्चात् जो जैन धर्म के लोग भद्रबाहु के नेतृत्व में रहे, वे श्वेताम्बर कहलाए
(c) प्रथम शतक ई. पू. में जैन धर्म को कलिंग के राजा खारवेल का समर्थन मिला
(d) बौद्धों के विपरीत, जैन धर्म की प्रारम्भिक अवस्था में, जैन ध र्म के लोग चित्रों का पूजन करते थे
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। दक्षिण भारत में जैन धर्म का प्रचार भद्रबाहु के द्वारा हुआ। पाटलिपुत्र में (आधुनिक पटना) आयोजित प्रथम बौध संगीति के पश्चात् जो लोग भद्रबाहु के नेतृत्व में थे, वे दिगम्बर कहलाये तथा स्थूलबाहु के नेतृत्व में श्वेताम्बर। प्रारम्भ में जैन धर्म में मूर्तिपूजा का प्रचलन नहीं था। विभाजन के पश्चात् श्वेताम्बर अनुयायियों ने महावीर तथा अन्य तीर्थंकरों की मूर्तियों की पूजा प्रारम्भ की। अत: विकल्प (c) सही है। कलिंग राजा खारवेल ने जैन धर्म को समर्थन दिया। [2004]


71. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चीनी तीर्थयात्री फाऌान ने कनिष्क द्वारा आयोजित की गई चतुर्थ महान् बौद्ध परिषद् (Fourth Buddhist Council) में भाग लिया।
2. चीनी तीर्थयात्री ह्वेनसांग, हर्ष से मिला और उसे बौद्ध धर्म का प्रतिरोधी (Antagonist) पाया। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 (b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों (d) उपरोक्त में से कोई नहीं
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। दोनों कथन गलत हैं। चतुर्थ बौध संगीति कनिष्क के समय कश्मीर में आयेाजित हुई, जिसकी अध्यक्षता वसुमित्र ने की। चीनी यात्री फाऌान (399 ई. से 414 ई.) चन्द्रगुप्त द्वितीय के समय भारत आया था। चीनी यात्री ह्वेनसांग 613 ई. से 630 ई. के मध्य हर्ष के समय भारत आया। उसने हर्ष को बौध धर्म का प्रतिरोधी नहीं बताया। [2004]


72. निम्नलिखित में से कौन-सा एक अन्य तीनों के समसामयिक (Contemporary) नहीं था?
(a) बिम्बिसार (b) गौतम बुद्ध
(c) मिलिन्द (d) प्रसेनजीत
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। बिम्बिसार हर्यक वंश का शासक था जो 544 ईसा पूर्व में मगध के सिंहासन पर आसीन हुआ। वह बुध का समकालीन था। अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिये बिम्बिसार ने वैवाहिक सम्बन्ध बनाये। इस दिशा में इसने कोशल नरेश की पुत्री से विवाह किया जो प्रसेनजित की बहन थी। ये भी बुध के समकालीन थे। मिलिन्द का काल 2 सदी ईद्ब्र पूद्ब्र था। [2005]


73. इलाहाबाद स्तम्भ शिलालेख निम्नलिखित में से एक से सम्बद्ध है?
(a) महापद्म नन्द (b) चन्द्रगुप्त मौर्य
(c) अशोक (d) समुद्रगुप्त
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। कौशाम्बी (इलाहाबाद) अभिलेख समुद्रगुप्त के प्रशस्ति-पत्र के रूप में प्रसिध है। समुद्रगुप्त के राज्यकवि हरिषेण ने इसको लिखा था। यद्यपि यह मूलत: अशोक द्वारा उत्कीर्ण अभिलेख था, परन्तु इसकी सम्बधता समुद्रगुप्त से अधिक है। [2006]


74. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण भारत के इक्ष्वाकु शासक बौद्धमत के विरोधात्मक थे।
2. पूर्वी भारत के पाल शासक बौद्धमत के समर्थक थे। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 (b) केवल 2
(c) दोनों 1 और 2 (d) न ही 1 और न ही 2
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। दक्षिणी भारत के इक्ष्वाकु शासक बौद्ध धर्म के विरोधी नहीं थे। उन्होंने बुद्धवाद का समर्थन किया। इसलिए, कथन 1 गलत है और कथन 2 सही है। [2006]


75. प्राचीन काल के भारत पर आक्रामकों के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही कालानुक्रम है?
(a) यूनानी – शक – कुषाण (b) यूनानी – कुषाण – शक
(c) शक – यूनानी – कुषाण (d) शक – कुषाण – यूनानी
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। [2006]


76. प्राचीन नगर तक्षशिला निम्नलिखित में से किनके बीच स्थित था?
(a) सिन्धु तथा झेलम (b) झेलम तथा चिनाब
(c) चिनाब तथा रावी (d) रावी तथा व्यास
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। तक्षशिला सिन्धु तथा झेलम नदी के बीच स्थित था। वर्तमान में यह पाकिस्तान में है। [2006]


77. निम्नलिखित में से किसने राष्ट्रकूट साम्राज्य की नींव रखी?
(a) अमोघवर्ष प्रथम (b) दन्तिदुर्ग
(c) ध्रुव (d) कृष्ण
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। दन्तिदुर्ग चालुक्यों का सामन्त था। इसने 753 ई. में राष्ट्रकूट साम्राज्य की नींव डाली और मान्यखेत को अपनी राजधानी बनाया। [2006]


78. बौधायन प्रमेय (बौधायन शुल्व सूत्र) किससे सम्बन्धित है?
(a) समकोण त्रिभुज की भुजाओं की लम्बाइयाँ
(b) Pi के मान की गणना
(c) लघुगणकीय गणनाएँ
(d) प्रसामान्य बण्टन वक्र
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। बौधायन प्रमेय समकोण त्रिभुज की भुजाओं की लम्बाई से सम्बन्धित है। [2008]


79. अनेकान्तवाद निम्नलिखित में से किसका क्रोड सिद्धांन्त एवं दर्शन है?
(a) बौद्ध मत (Buddhism) (b) जैन मत (Jainism)
(c) सिख मत (Sikhism) (d) वैष्णव मत (Vaishnavism)
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। जैन आध्यात्म वास्तविक तथा अनेकवाद पर आधारित है। इसे अनेकान्तवाद या स्यादवाद कहा जाता है। इसे सात रूपों में व्यक्त किया जा सकता है। 1. है। 2. नहीं है। 3. है और नहीं है। 4. कहा नहीं जा सकता। 5. है किन्तु कहा नहीं जा सकता। 6. नहीं है और कहा जा सकता। 7. नहीं है और कहा नहीं जा सकता। [2009]


80. प्राचीन भारत में गुप्त काल से सम्बन्धित गुफा चित्रांकन के केवल दो उदाहरण उपलब्ध हैं। इनमें से एक अजन्ता की गुफाओं में किया गया चित्रांकन है। गुप्त काल के चित्रांकन का दूसरा अवशिष्ट उदाहरण किस स्थान पर उपलब्ध है?
(a) बाघ गुफाएँ (b) एलोरा गुफाएँ
(c) लोमस द्भषि गुफा (d) नासिक गुफाएँ
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। गुप्तकाल से सम्बन्धित चित्र अजन्ता तथा बाघ की गुफाओं में मिलते हैं। अजन्ता के चित्र धार्मिक तथा बाघ के चित्र लौकिक विषयों से सम्बन्धित हैं। अजन्ता में निर्मित 20 गुफाओं में से 16 वीं तथा 17 वीं गुफा गुप्तकालीन है। बाघ से 9 गुफायें मिली हैं। [2010]


81. ‘‘धर्म’’ तथा ‘‘ऋत’’ भारत की प्राचीन वैदिक सभ्यता के एक केंद्रीय विचार को चित्रित करते हैं। इस संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ‘धर्म’ व्यक्ति के दायित्वों एवं स्वयं तथा दूसरों के प्रति व्यक्तिगत कर्तव्यों की संकल्पना था।
2. ‘ऋत’ मूलभूत नैतिक विधान था, जो सृष्टि और उसमें अंतर्निहित सारे तत्वों के क्रियाकलापों को संचालित करता था। उपर्युक्त में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं?

(a) केवल 1 (b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों (d) न तो 1 और न ही 2
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। धर्म तथा ऋत भारत की प्राचीन वैदिक सभ्यता के एक केन्द्रीय विचार को चित्रित करते हैं। जहाँ धर्म व्यक्ति के दायित्वों एवं स्वयं तथा दूसरों के प्रति व्यक्तिगत कत्र्तव्यों की संकल्पना था वहीं ऋतु मूलभूत नैतिक विधान था जो सृष्टि और उसमें अंतर्निहित सारे तत्त्वों के क्रियाकलपों को संचालित करता था। [2011-I]


82. सिंधु घाटी सभ्यता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह प्रमुखत: लौकिक सभ्यता थी तथा उसमें धार्मिक तत्व, यद्यपि उपस्थित था, वर्चस्वशाली नहीं था।
2. उस काल में भारत में कपास से वस्त्र बनाए जाते थे। उपर्युक्त में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं?

(a) केवल 1 (b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों (d) न तो 1 और न ही 2
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। सिन्धु घाटी सभ्यता एक नगरीय एवं लौकिक सभ्यता थी यद्यपि उसमें धार्मिक तत्व विद्यमान था किन्तु वर्चस्वशाली नहीं था। इस काल में न सिर्फ आन्तरिक बल्कि वाह्य व्यापार भी उन्नत दशा में था। इस काल में सूती वस्त्र बनाए जाते थे जिसके प्रमाण हमें मोहनजोदड़ो से मिलते हैं। मेहरगढ़ से कपास की खेती करने का साक्ष्य भी मिला है। [2011-I]


83. जैन दर्शन के अनुसार सृष्टि की रचना एवं पालन-पोषण
(a) सार्वभौमिक विधान से हुआ है
(b) सार्वभौमिक सत्य से हुआ है
(c) सार्वभौमिक आस्था से हुआ है
(d) सार्वभौमिक आत्मा से हुआ है
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। जैन धर्म में ईश्वर को सृष्टिकर्ता के रूप में स्थान नहीं दिया गया है। जैन सिद्धांतों के अनुसार, ब्रा्रंड़ और उसके घटक (आत्मा, पदार्थ, स्थान, समय और गति) हमेशा मौजूद रहे हैं। जैन दर्शन के अनुसार सृष्टि की रचना एवं पालन-पोषण सार्वभौमिक विधान से हुआ है। [2011-I]


84. भारत ने दक्षिणपूर्वी एशिया के साथ अपने आरंभिक सांस्कृतिक संपर्क तथा व्यापारिक संबंध बंगाल की खाड़ी के पार बना रखे थे। निम्नलिखित में से कौन-सी बंगाल की खाड़ी के इस उत्कृष्ट आरंभिक समुद्री इतिहास की सबसे विश्वसनीय व्याख्या/व्याख्याएँ हो सकती है/हैं?
(a) प्राचीन काल तथा मध्य काल में भारत के पास दूसरों की तुलना में अति उत्तम पोत-निर्माण तकनीकी उपलब्ध थी।
(b) इस उद्देश्य के लिए दक्षिण भारतीय शासकों ने व्यापारियों, ब्रा्रण पुजारियों और बौद्ध भिक्षुओं को सदा संरक्षण दिया।
(c) बंगाल की खाड़ी में चलने वाली मानसूनी हवाओं ने समुद्री यात्राओं को सुगम बना दिया था।
(d) इस संबंध में (a) तथा (b) दोनों विश्वसनीय व्याख्याएँ हैं।
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। भारत ने दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ अपने आरंभिक सांस्कृतिक संपर्क तथा व्यापारिक संबंध बना रखे थे, क्योंकि प्राचीन एवं पूर्व मध्य काल में भारत के पास दूसरों की तुलना में उत्तम पोत निर्माण की तकनीक उपलब्ध थी। इसके साथ-साथ दक्षिण भारतीय शासकों ने व्यापारियों, ब्रा्रणों, बौधभिक्षुओं आदि को सदा संरक्षण दिया। [2011-I]


85. प्राचीन भारत में देश की अर्थव्यवस्था में अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली ‘श्रेणी’ संगठन के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. प्रत्येक ‘श्रेणी’ राज्य की एक केन्द्रीय प्राधिकरण के साथ पंजीकृत होती थी और प्रशासनिक स्तर पर राजा उनका प्रमुख होता था।
2. ‘श्रेणी’ ही वेतन, काम करने के नियमों, मानकों और कीमतों को सुनिश्चित करती थीं।
3. ‘श्रेणी’ का अपने सदस्यों पर न्यायिक अधिकार होता था। निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिए:

(a) केवल 1 और 2 (b) केवल 3
(c) केवल 2 और 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। 2. मजूरी, कार्य के नियम, मानक व कीमतें गिल्ड या व्यापारी वर्ग द्वारा तय की जाती थीं। 3. गिल्ड के पास अपने सदस्यों के ऊपर न्यायिक अधिकार थे। [2012 – I]


86. पूर्व-वैदिक आर्यों का धर्म प्रमुखत: था
(a) भक्ति (b) मूर्तिपूजा और यज्ञ
(c) प्रकृति पूजा और यज्ञ (d) प्रकृति पूजा और भक्ति
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। पूर्व वैदिक आर्य प्रकृति पूजा और यज्ञ किया करते थे। द्भग्वैदिक आयोख्र के लिए भक्ति और मूर्तिपूजा का उल्लेख नहीं मिलता है। [2012 – I]


87. भगवान बुद्ध की प्रतिमा कभी-कभी एक हस्त मुद्रा युक्त दिखाई गई है, जिसे ‘भूमिस्पर्श मुद्रा’ कहा जाता है। यह किसका प्रतीक है?
(a) मार पर दष्टष्टि रखने एवं अपने ध्यान में विघ्न डालने से मार को रोकने के लिए बुद्ध का धरती का आह्वान।
(b) मार के प्रलोभनों के बावजूद अपनी शुचिता और शुद्धता का साक्षी होने के लिए बुद्ध का धरती का आह्वान।
(c) बुद्ध का अपने अनुयायियों को स्मरण कराना कि वे सभी धरती से उत्पन्न होते हैं और अन्तत: धरती में विलीन हो जाते हैं, अत: जीवन संक्रमणशील है।
(d) इस सन्दर्भ में दोनों ही कथन (a) एवं (b) सही है।
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। बुध की मूर्ति इस बात का प्रतीक है कि मार के आकर्षण / मोह के बावजूद बुध उसकी शुधता एवं शील को देखने के लिए आह्वान कर रहे हैं। [2012 – I]


88. प्राचीन भारतीय इतिहास के सन्दर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से बौद्ध धर्म और जैन धर्म दोनों में समान रूप से विद्यमान था/थे?
1. तप और भोग की अति का परिहार
2. वेद-प्रामाण्य के प्रति अनास्था
3. कर्मकाण्डों की फलवत्ता का निषेध निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिए :

(a) केवल 1 (b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। बौध तथा जैन धर्मों ने वेद-प्रामाण्य के प्रति अनास्था प्रकट किया एवं कर्मकाण्डों की फलवत्ता का विरोध किया था। [2012 – I]


89. प्राचीन कालीन भारत में हुई वैज्ञानिक प्रगति के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
1. प्रथम शती ईसवी में विभिन्न प्रकार के विशिष्ट शल्य औजारों का उपयोग आम था।
2. तीसरी शती ईसवी के आरम्भ में मानव शरीर के आन्तरिक अंगों का प्रत्यारोपण शुरू हो चुका था।
3. पाँचवीं शती ईसवी में कोण के ज्या का सिद्धांन्त ज्ञात था।
4. सातवीं शती ईसवी में चक्रीय चतुर्भुज का सिद्धांन्त ज्ञात था। निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिए :

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 3 और 4
(c) केवल 1, 3 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। प्रश्न में दिया गया कथन 1, 3 तथा 4 सही हैं। [2012 – I]


90. निम्नलिखित ऐतिहासिक स्थलों पर विचार कीजिए:
1. अजन्ता की गुफ़ाएँ
2. लेपाक्षी मन्दिर
3. साँची स्तूप उपर्युक्त स्थलों में से कौन-सा/से भित्ति चित्रकला के लिए भी जाना जाता है/जाने जाते हैं?

(a) केवल 1 (b) केवल 1 और 2
(c) 1, 2 और 3 (d) कोई नहीं
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। अजन्ता की गुफाओं में भित्ति चित्रकला के निदर्सन पाए गए हैं। गुफा 1, 2, 16 एवं 17 में यह चित्रकला देख सकते हैं। इनमें से कुछ चित्रकलाएँ वकाटक साम्राज्य के राजा हरिसेन ने अपनी इच्छा से निर्मित करायी थी। यह चित्रकलाएँ जातक की कहानियाँ बताती हैं। लेपाक्षी मन्दिर भित्ति चित्रकला के लिए प्रसिध है। जिसे विजयनगर राज्य के राजाओं ने बनवाए थे। साँची स्तूप में बहुत सी सुन्दर मूर्तियाँ हैं पर भित्ति चित्रकलाएँ यहाँ देखने को नहीं मिलतीं। [2013 – I]


91. भारत के सांस्कृतिक इतिहास के सन्दर्भ में, नष्टत्य एवं नाट्य-कला की एक मुद्रा जिसे ‘त्रिभंग’ कहा जाता है, प्राचीन काल से आज तक भारतीय कलाकारों को अतिप्रिय रही है। निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन इस मुद्रा को सर्वोत्तम रूप से वर्णित करता है?
(a) एक पाँव मोड़ा जाता है और देह थोड़ी, किन्तु विपरीत दिशा में कटि एवं ग्रीवा वक्रीय मुद्रा में होती
(b) मुख अभिव्यंजनाएँ, हस्तमुद्राएँ एवं आसज्जा कतिपय महाकाव्य अथवा ऐतिहासिक पात्रों को प्रतीकात्मक रूप में व्यक्त करने के लिए संयोजित की जाती हैं
(c) देह, मुख एवं हस्तों की गति का प्रयोग स्वयं को अभिव्यक्त करने अथवा एक कथा कहने के लिए किया जाता है
(d) प्रेम एवं शृंगार की अनुभूतियों को अभिव्यक्त करने के लिए मंद स्मिति, थोड़ी वक्र कटि एवं कतिपय हस्तमुद्राओं पर बल दिया जाता है।
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। भगवान श्रीकृष्ण को हमने ज्यादातर समय त्रिभंग मुद्रा में देखा है। श्रीकृष्ण बाँसुरी बजाते समय इसी मुद्रा में खड़े होते हैं। इसलिए कृष्ण को त्रिभंग मुरारी भी कहा जाता है। [2013 – I]


92. भारत की यात्रा करने वाले चीनी यात्री युआन च्वांग (हेन्सांग) ने तत्कालीन भारत की सामान्य दशाओं और संस्कृति का वर्णन किया है। इस सन्दर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. सड़क और नदी-मार्ग लूटमार से पूरी तरह सुरक्षित थे।
2. जहाँ तक अपराधों के लिए दण्ड का प्रश्न है, अग्नि, जल व विष द्वारा सत्यपरीक्षा किया जाना ही किसी भी व्यक्ति की निर्दोषता अथवा दोष के निर्णय के साधन थे।
3. व्यापारियों को नौघाटों और नाकों पर शुल्क देना पड़ता था।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

(a) केवल 1 (b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। व्यापारियों को नौघाटों और नाकों पर शुल्क देना पड़ता था। शुल्क देने के बाद वे व्यापार के लिए जा सकते थे। सामाजिक अपराधों के लिए उस समय अपराधी के नाक, कान व हाथ काट लिए जाते थे। सत्य परीक्षा के लिए अग्नि, जल व विष का प्रयोग किया जाता था। छोटे-मोटे अपराधों के लिए जुर्माना भरना पड़ता था। [2013 – I]


93. भारतीय शिलावास्तु के इतिहास के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बादामी की गुफ़ाएँ भारत की प्राचीनतम अवशिष्ट शैलकृत गुफ़ाएँ हैं।
2. बाराबर की शैलकृत गुफ़ाएँ सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य द्वारा मूलत: आजीविकों के लिए बनवाई गई थीं।
3. एलोंरा में, गुफ़ाएँ विभिन्न धर्मों के लिए बनाई गई थीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 (b) केवल 2 और 3
(c) केवल 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। एलोरा की गुफाएँ पाँच से दस शताब्दी के बीच में बनाई गई थी। इनमें उप गुफाएँ भी थी, जिनमें से 12 बौद्धिय गुफाएँ, 17 हिन्दू गुफाएँ थीं और 5 जैन गुफाएँ थीं। इन गुफाओं का आपस में एक साथ अवस्थान करना इस बात की साक्षी देता है कि इतिहास के इस दौर में धम्मीय एकता बरकरार थी। [2013 – I]


94. निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन जैन सिद्धांन्त के अनुरूप है/हैं?
1. कर्म को विनष्ट करने का सुनिश्चित मार्ग तपश्चर्या है।
2. प्रत्येक वस्तु में, चाहे वह सूक्ष्मतम कण हो, आत्मा होती है।
3. कर्म आत्मा का विनाशक है और अवश्य इसका अन्त करना चाहिए।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

(a) केवल 1 (b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। जैन सिद्धांत के अनुरूप ‘स्वाध्याय परम: तप:’। यह माना गया है। कि तपश्चर्या कर्म को विनष्ट करने का सुनिश्चित मार्ग है। कर्म को आत्मा का विनाशक माना गया है। कर्म अत्यन्त सूक्ष्म है और आत्मा को प्रभावित भी करता है। आत्मा को कलुषित भी करता है। कर्म के आधार पर जीव अपना अगला जीवन प्राप्त करता है। जैन धर्म का यह भी मानना है कि प्रत्येक वस्तु में चाहे वह सूक्ष्मतम कण हो, आत्मा होती है, तभी जैन धर्म के लोग किसी भी प्रकार के प्राणी की हत्या नहीं करते हैं, चाहे वह चींटी ही क्यों न हो। [2013 – I]


95. निम्नलिखित में से कौन-सा/से लक्षण सिन्धु सभ्यता के लोगों का सही चित्रण करता है/करते हैं?
1. उनके विशाल महल और मन्दिर होते थे।
2. वे देवियों और देवताओं, दोनों की पूजा करते थे।
3. ये युद्ध में घोड़ों द्वारा खींचे गए रथों का प्रयोग करते थे। नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही कथन/कथनों को चुनिए।

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2
(c) 1, 2 और 3
(d)
उपर्युक्त कथनों में से कोई भी सही नहीं है
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। सिंधु सभ्यता के लोगों के विशाल महल और मन्दिर नहीं होते थे। सिंधु सभ्यता के दौरान लोगों के घर बहुमंजिला होते थे। वे कभी किसी युध में शामिल नहीं हुए थे। ऐसा माना जाता है कि भूकम्प जैसी किसी प्राकृतिक आपदा में इस संस्कृति और सभ्यता का विनाश हुआ। कुछ इतिहासकारों का यह मानना है कि आयोख्र के आक्रमण और समुद्री सतह में परिवर्तन की वजह से इनका खात्मा हुआ था। बहरहाल, युध में घोड़े के उपयोग की कोई सत्यता प्रमाणित नहीं हुई है। इसके अतिरिक्त सिंधु सभ्यता की मोहरों में छपा हुआ स्वस्तिक चिन्ह व जानवरों की अनुकृति उनके धार्मिक आस्था के बारे में बतलाता है। वहाँ पायी गई मूर्तियों से भूतत्वविदों को पता चला है कि उस समय लोग माँ रूपी देवी की तथा पितृरूप देवता की भी पूजा करते थे, जो शायद समग्र जाति के पिता स्वरूप थे। [2013 – I]


96. निम्नलिखित में से कौन-सा एक बौद्ध मत में निर्वाण की अवधारणा की सर्वश्रेष्ठ व्याख्या करता है?
(a) तष्टष्णारूपी अग्रि का शमन
(b) स्वयं की पूर्णत: अस्तित्वहीनता
(c) परमानन्द एवं विश्राम की स्थिति
(d) धारणातीत मानसिक अवस्था
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। बौद्ध धर्म में निर्वाण की अवधारणा को आनंद और आराम की स्थिति के रूप में माना जाता है। हम इसे इच्छा की लौ के विलुप्त होने की स्थिति के रूप में देख सकते हैं। [2013 – I]


97. भारत में दार्शनिक विचार के इतिहास के संदर्भ में, सांख्य दर्शन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: (1) सांख्य आत्मा के पुनर्जन्म या स्थानांतरण के सिद्धांत को स्वीकार नहीं करता है। (2) सांख्य का मानना है कि यह आत्मज्ञान ही है जो मुक्ति की ओर ले जाता है और किसी बाहरी प्रभाव या घटक नहीं। ऊपर दिये गए कथनों में से कौन-सा सही है / हैं?
(a) केवल 1 (b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों (d) न तो 1 और न ही 2
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। सांख्य योग के अनुसार, आत्मज्ञान से मुक्ति संभव है। अधिकांशत: अन्य सभी भारतीय दर्शन अपने प्रमुख आधार के रूप में इसे अपनाते हैं। सांख्य दर्शन पुनर्जन्म में विश्वास करता है। सांख्य दर्शन के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति को भोग, अपवर्ग तथा जन्म से तब तक गुजरना पड़ता है जब तक कि कैवल्य की प्राप्ति नहीं हो जाती है। [2013 -I]


98. कुछ शैलकृत बौद्ध गुफाओं को चैत्य कहते हैं, जबकि अन्य को विहार। दोनों में क्या अन्तर है?
(a) विहार पूजा-स्थल होता है, जबकि चैत्य बौद्ध भिक्षुओं का निवास स्थान है
(b) चैत्य पूजा-स्थल होता है, जबकि विहार बौद्ध भिक्षुओं का निवास स्थान है
(c) चैत्य गुफा के दूर के सिरे पर स्तूप होता है, जबकि विहार गुफा पर अक्षीय कक्ष होता है
(d) दोनों में कोई वस्तुपरक अन्तर नहीं होता
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। चैत्य पूजा-स्थल होता है, जबकि विहार बौध भिक्षुओं का निवास स्थान है। [2013 – I]


99. निम्नलिखित राज्यों में से किनका सम्बन्ध बुद्ध के जीवन से था?
1. अवन्ति
2. गान्धार
3. कोसल
4. मगध
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

(a) 1, 2 और 3 (b) 2 और 4
(c) केवल 3 और 4 (d) 1, 3 और 4
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। बुध का जन्म कोसल राज्य के लुम्बिनी में हुआ। बुध का परिनिर्वाण कुशीनारा (मगध राज्य) में हुआ। अवन्ति में बुध का पदार्पण कभी नहीं हुआ। गांधार पाकिस्तान व अफगानिस्तान के पश्चिमी भाग में है, जहां बुध कभी नहीं गए। [2014-1]


100. भारत के सम्प्रतीक के नीचे उत्कीर्ण भारत की राष्ट्रीय आदर्शोक्ति ‘सत्यमेव जयते’ कहां से ली गई है ?
(a) कठ उपनिषद् (b) छांदोग्य उपनिषद्
(c) ऐतरेय उपनिषद् (d) मुंडक उपनिषद्
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। ‘सत्यमेव जयते’ शब्द मुंडकोपनिषद् से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है–सत्य की ही जीत। [2014-1]


101. निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा एक भारतीय षड्दर्शन का भाग नहीं है ?
(a) मीमांसा और वेदान्त (b) न्याय और वैशेषिक
(c) लोकायत और कापालिक (d) सांख्य और योग
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। लोकायत तथा कपालिक, भारतीय दर्शन के षट्पधति का निर्माण नहीं करते हैं। [2014-1]


102. भारत में बौद्ध इतिहास, परम्परा और संस्कृति के सम्बन्ध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए :
विख्यात तीर्थस्थल अवस्थान
1. टाबो मठ और मन्दिर संकुल : स्पीति घाटी
2. ल्होत्सव लाखांग मन्दिर, नको: जास्कार घाटी
3. अल्वी मन्दिर संकुल : लद्दाख उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं ?

(a) केवल 1 (b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। टाबो मठ और मंदिर संकुल स्पीति घाटी में स्थित है। अल्ची मंदिर संकुल लद्दाख में स्थित है। ल्होत्सव लाखांग मंदिर नको, हिमाचल प्रदेश में स्थित है। किन्तु जास्कार घाटी, जम्मू तथा कश्मीर में है। [2014-1]


103. भारतीय इतिहास के कला और संस्कृति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार करें: मूर्तिकला का प्रसिद्ध कार्य स्थल (1) कई लोगों के साथ बुद्ध के महापरिनिर्वाण अजंता की एक भव्य प्रतिकृति जिसमें ऊपर कई दिव्य संगीतकारों और नीचे उनके अनुयायियों के दुखद आकृतियाँ हैं (2) देवी पृथ्वी की गहरी और वि शृंखला जल से माउंट आबू बचाते हुए चट्टान पर उकेरी गई विष्णु के वराह अवतार (वराह अवतार) की एक विशाल प्रतिमा (3) ‘‘अर्जुन की तपस्या’’ / ‘‘गंगा का अवतरण’’ मामल्लपुरम विशाल शिलाखंड की सतह पर गढ़ी गई प्रतिमा ऊपर दिया गया कौन-सा युग्म सही ढंग से मेल खाता है/हैं?
(a) केवल 1 और 2 (b) केवल 3
(c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। प्रथम (1) युग्म सही है क्योंकि अजंता की गुफा नं.-17 में बुध के परिनिर्वाण की स्थिति को पत्थरों में प्रतिबिम्बित किया गया है जिसमें दिव्य संगीतकार ऊपर की ओर तथा शोकाकुल मुद्रा में उनके अनुयायियों को नीचे की ओर दर्शया गया है। द्वितीय (2) युग्म गलत है कि क्योंकि विष्णु के वराह अवतार द्वारा देवी पृथ्वी की रक्षा भयंकर प्रलय द्वारा मामल्लपुरम में चट्टानों पर उकेरी गई प्रतिमा में दर्शित है। तृतीय (3) सही है क्योंकि मामल्लपुरम की शैल प्रतिमा में ‘‘अर्जुन की तपस्या’’ तथा ‘‘गंगा अवतरण’’ का दृश्य उकेरा गया है। [2014 – I]


104. भारत के कला और पुरातात्विक इतिहास के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से किस एक का सबसे पहले निर्माण किया गया था?
(a) भुवनेश्वर स्थित लिंगराज मंदिर
(b) धौली स्थित शैलकृत हाथी
(c) महाबलिपुरम स्थित शैलकृत स्मारक
(d) उदयगिरि स्थित वराह मूर्ति
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। भुवनेश्वर स्थित लिंगराज मंदिर का निर्माण 11 वीं शताब्दी (1025-1040 ई.) ययाति प्रथम के द्वारा करवाया गया था। धौली ओडिशा स्थित शैलकृत हाथी का निर्माण मौर्य शासक अशोक के काल में 250 ई.पू. के आसपास हुआ था। महाबलिपुरम स्थित शैलकृत स्मारकों का निर्माण 7 वी-8 वीं शताब्दी में पल्लव शासनकाल में हुआ था। उदयगिरि विदिशा, मध्य प्रदेश स्थित बाराह प्रतिमा का निर्माण गुप्तकाल में चंद्रगुप्त द्वितीय द्वारा करवाया गया था। [2015-1]


105. भारत के इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए। शब्द विवरण
1. एरिपति : भूमि, जिससे मिलने वाला राजस्व अलग से ग्राम जलाशय के रख-रखाव के लिए निर्धारित कर दिया जाता था।
2. तनियूर : एक अकेले ब्रा्रण अथवा एक ब्रा्रण समूह को दान में दिए गए ग्राम
3. घाटिका : प्राय: मंदिरों के साथ संबंद्ध विद्यालय? उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?

(a) केवल 1 और 2 (b) केवल 3
(c) केवल 2 और 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। भूमि का एक विशेष प्रकार इरीपट्टी भूमि का उल्लेख है। इस भूमि से प्राप्त कर का उपयोग गांव के तालाब के रख-रखाव के लिए किया जाता था। तनियूर चोल काल की एक राजस्व इकाई थी, जिसके अंतर्गत ब्रऌदेय और मंदिर बस्तियां विकसित हुई। घटिका पल्लव कालीन मंदिरों से जुडी उच्च शिक्षण संस्थाएं थीं। [2016-1]


106. प्राचीन भारत की निम्नलिखित पुस्तकों में से किस एक में शुंग राजवंश के संस्थापक के पुत्र की प्रेम कहानी है?
(a) स्वप्नवासवदत्ता
(b) मालविकाग्रिमित्र
(c) मेघदूत
(d) रत्नावली
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। मालविकाग्नि मित्र कालिदास द्वारा लिखा गया संस्कृत नाटक है। यह नाटक शुंग सम्राट अग्निमित्र की प्रेम कहानी कहता है। वह निर्वासित नौकरानी मालविका की तस्वीर से ही प्यार में पड़ जाता है। [2016-1]


107. निम्नलिखित में से कौन-सा एक काकतीय राज्य में अति महत्वपूर्ण समुद्र पत्तन था?
(a) काकिनाडा
(b) मोटुपल्ली
(c) मछलीपटनम मसुलीपटनमऋ
(d) नेल्लुरु
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। ऐतिहासिक ग्रंथों के अनुसार वर्तमान कृष्ण जिला में एक समुद्री पत्तन था जो मोटुपल्ली के नाम से जाना जाता था तथा जो गणपति राज्य का भाग था। यह काकतीय शासकों के लिए अति महत्त्वपूर्ण था। 1289-93 के मध्य भारत के दौरे पर रहने वाला मार्कोपोलो ने मटफिली के रूप एक राज्य का वर्र्णन किया था, जिसकी शासिक रूद्रमा देवी थी। [2017 – I]


108. ऋग्वेद-कालीन आर्यों और सिन्धु घाटी के लोगों की संस्कृति के बीच अंतर के संबंधा में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1. ऋग्वेद-कालीन आर्य कवच और शिरस्त्रण हेलमेट का उपयोग करते थे जबकि सिन्धु घाटी सभ्यता के लोगों में इनके उपयोग का कोई साक्ष्य नहीं मिलता।
2. ऋग्वेद-कालीन आर्यों को स्वर्ण, चांदी और ताम्र का ज्ञान था जबकि सिन्धु घाटी के लोगों को केवल ताम्र और लोह का ज्ञान था।
3. ऋग्वेद-कालीन आर्यों ने घोड़े को पालतू बना लिया था जबकि इस बात का कोई साक्ष्य नहीं है कि सिन्धु घाटी के लोग इस पशु को जानते थे।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

(a) केवल 1 (b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। त्र्ग्वैदिक काल के लोग आर्य कवच और शिरस्त्रण का प्रयोग करते थे, वे यु) प्रिय थे (किन्तु सिन्धु घाटी सभ्यता के लोग शांतिप्रिय थे तथा उनके द्वारा कवच और शिरस्त्रण के प्रयोग का कोई साक्ष्य प्राप्त नहीं है। सिन्धु घाटी के लोगों को स्वर्ण, चांदी, ताम्र और कांस्य ज्ञान था, जिसके साक्ष्य प्राप्त होते है, किन्तु उन्हें लोहे का ज्ञान नहीं था। सिन्धु घाटी के लोग घोड़े से परिचित थे क्योंकि सिन्धु स्थल लोथल से घोड़े की लघु मृण्मूर्ति तथा सुरकोटदा से घोड़े की अस्थियाँ प्राप्त हुई हैं। अत: कथन 1 और 3 सही हैं। [2017 – I]


109. निम्नलिखित में से कौन-सा/से सूर्य मंदिरों के लिए विख्यात है/हैं? (1) अरसवल्ली (2) अमरकंटक (3) ओंकारेश्वर
नीचे दिए गए कूट का प्रयाग कर सही उत्तर चुनिए:

(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। आंध्र प्रदेश राज्य सरकार वेबसाइट के अनुसार श्रीकाकुलम जिले में स्थित अरसवल्ली में सूर्य मंदिर स्थित है अत: (1) सही है। • मैसूर स्थित श्री ओमकारेश्वर मंदिर भगवार शिव के दिए प्रसिध है। • अमरकंटक (म.प्र.) में सूर्य मंदिर नहीं हैं। [2017 – I]


110. बोधिासत्व पद्मपाणि का चित्र् सर्वाधिाक प्रसि) और प्राय:चित्र्ति चित्र्कारी है, जो
(a) अजंता में है (b) बदामी में है
(c) बाघ में है (d) एलोरा में है
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। वाचस्पति गैरोला ने विषय की दृष्टि से अजंता की चित्र्कला को तीन प्रमुख भागों में बाँटा है, जिसकी दूसरी श्रेणी में लोकपाल, बु) , बौधिासत्व, राजा-रानियों की आकृतियों आदि को रखा गया है। अजंता की गुफा संख्या 1 में बोधिासत्व पद्मपाणि, वज्रपाणि आदि के चित्र् उल्लेखनीय हैं। बाघ के चित्र् दैनिक जीवन की घटनाओं पर आधारित हैं। एलोरा में बोधिासत्व के चित्र् नहीं प्राप्त होते। बादामी के गुहा मंदिरों में से तीन ब्राह्मण और एक जैन धार्म से संबंधित हैं। [2017 – I]


111. भारत के धािर्मक इतिहास के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सौत्रन्तिक और सम्मितीय जैन मत के सम्प्रदाय थे।
2. सर्वास्तिवादियों की मान्यता थी कि दृग्विषय फिनोमिना के अवयव पूर्णत: क्षणिक नहीं है, अपितु अव्यक्त रूप में सदैव विद्यमान रहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 (b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों (d) न तो 1, न ही 2
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। सौत्रन्तिक और सम्मितीय बौ) धार्म के सम्प्रदाय हैं। सर्वास्तिवादियों का मानना है कि दृश्य जागत् के धार्म पूर्णत: क्षणिक हैं। प्रत्युत सदा अन्तर्निहित रूप में विद्यमान रहते हैं। [2017 – I]


112. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए :
परम्परा राज्य
1. चपचार कुट त्योहार – मिज़ोरम
2. खोंगजॉम परबा गाथागीत – मणिपुर
3. थांग-टा नृत्य – सिक्किम उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

(a) केवल 1 (b) 1 और 2
(c) केवल 3 (d) 2 और 3
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। थांग-टा नृत्य भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की पांरपरिक मार्शल आर्ट है। ‘थांग’ का मतलब है तलवार तथा ‘टा’ का मतलब भाला होता है। यह मूल रुप से हमले और रक्षा का एक नकली लड़ाई है। [2018-I]


113. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए :
शिल्प किस राज्य की परंपरा
1. पुथुक्कुलि शॉल – तमिलनाडु
2. सुजनी कढ़ाई – महाराष्ट्र
3. उप्पाडा जामदानी साड़ी – कर्नाटक उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

(a) केवल 1 (b) 1 और 2
(c) केवल 3 (d) 2 और 3
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। सही सुमेलन है – शिल्प किस राज्य की परम्परा 1. पुधुक्कुलि शॅाल तमिलनाडु 2. सुजनी बिहार 3. उप्पाडा जामदानी साड़ी आन्ध्र प्रदेश [2018-I]


114. भारतीय इतिहास के सन्दर्भ में, निम्नलिखित में से कौन भावी बुद्ध है, जो संसार की रक्षा हेतु अवतरित होंगे?
(a) अवलोकितेश्वर (b) लोकेश्वर
(c) मैत्रेय (d) पद्मपाणि
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। बौध दर्शन में उल्लेखित परलोक सिधान्त के अनुसार, मैत्रेय शब्द का शाब्दिक अर्थ भावी बुध है। मैत्रेय बुध 5 वें बुध के रूप में होंगे, जिनका आविर्भाव इस युग में होगा। इस प्रकार, मैत्रेय बुध को भविष्य बुध के रूप में माना जाता है, जो अभी तक इस युग में प्रकट नहीं हुआ है। [2018-I]


115. भारत की धार्मिक प्रथाओं के संदर्भ में ‘‘स्थानकवासी’’ सम्प्रदाय का संबंध किससे है?
(a) बौद्ध मत (b) जैन मत
(c) वैष्णव मत (d) शैव मत
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। ‘स्थानकवासी’, श्वेताम्बर जैन सम्प्रदाय का एक उपसम्प्रदाय है। इसकी स्थापना 1653 के आसपास लवजी नामक एक व्यापारी ने की थी। इस सम्प्रदाय की मान्यता है कि भगवान निराकार है, अत: यह किसी मूर्ति की पूजा नहीं करते। [2018-I]


116. किसके राज्य में ‘कल्याण मंडप’ की रचना मंदिर-निर्माण का एक विशिष्ट अभिलक्षण था?
(a) चालुक्य (b) चंदेल
(c) राष्ट्रकूट (d) विजयनगर
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। विजयनगर साम्राज्य कला की हर विधा का पोषक रहा है। विजयनगर दौर में एक नवीन मंडप चलन में आया, जिसे ‘कल्याण मंडप’ कहा गया। यह गर्भ गृह के बगल में एक खुला प्रांगण होता था जिसमें देवी देवताओं से संबंधित समारोह एवं विवाहोत्सव आदि आयोजित किए जाते थे। [2019-I]


117. गुप्त काल के दौरान भारत में बलात् श्रम (विष्टि) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(a) इसे राज्य के लिए आय का एक स्रोत, जनता द्वारा दिया जाने वाला एक प्रकार का कर, माना जाता था।
(b) यह गुप्त साम्राज्य के मध्य प्रदेश तथा काठियावाड़ क्षेत्रों में पूर्णत: अविद्यमान था।
(c) बलात् श्रमिक साप्ताहिक मजदूरी का हकदार होता था।
(d) मजदूर के ज्येष्ठ पुत्र को बलात् श्रमिक के रूप में भेज दिया जाता था।
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। समकालीन लेखों में ‘विष्टि’ बेगारका भी उल्लेख मिलता है। संभवत: इस काल में यह भी एक प्रकार का कर था। इसे राज्य के लिए आय का एक श्रोत माना जाता था। वात्सायन के कामसूत्र से पता चलता है कि गाँवों, में किसान स्त्रियों को मुखिया के घर के विविध प्रकार के काम, जैसे अनाज रखना, घर की सफाई, खेतों पर काम करना आदि करने के लिए बाध्य किया जाता था और इसके बदले में उन्हें कोई मजूदरी नहीं मिलती थी। कुछ विद्वान इस विवरण के आधार पर गुप्तकाल में विष्टि के व्यापक रूप से प्रचलित होने का निष्कर्ष निकालते हैं। [2019-I]


118. निम्नलिखित पर विचार कीजिए:
1. बुद्ध में देवत्वारोपण
2. बोधिसत्त्व के पथ पर चलना
3. मूर्ति उपासना तथा अनुष्ठान उपर्युक्त में से कौन-सी विशेषता/विशेषताएँ महायान बौद्धमत की है/हैं?

(a) केवल 1 (b) केवल 1 और 2
(c) केवल 2 और 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (d) सही उत्तर विकल्प (d) है। महायान शाखा का अर्थ है- बोधिसत्व (गुणों का स्थानान्तरण) अर्थात् हम कह सकते हैं कि बुध की कृपा से मोक्ष प्राप्त किया। उसके बाद दूसरे लोगों को भी मोक्ष प्राप्त करने में सहायता देना ही बोधिासत्व है। इसके अनुयायी कहते हैं कि अधिकतर मनुष्यों के लिए निर्वाण का मार्ग अकेले ढूंढ़ना मुश्किल या असंभव है तथा उन्हें इस कार्य में सहायता मिलनी चाहिए। इन लोगों का मानना है कि जब तक ईश्वर की कृपा नहीं होगी तब तक निर्वाण प्राप्त नहीं होगा। भारत में वैदिक काल के पतन और अनीश्वरवादी धर्म के उत्थान के बाद मूर्तिपूजा का प्रचलन शुरू हुआ। बुध के परिनिर्वाण के बाद मूर्तिपूजा का प्रचलन बढ़ा और हजारों की संख्या में संपूर्ण देश में बौध विहार बनने लगे, जिसमें बुध की मूर्तियाँ रखकर उनकी पूजा होने लगी। [2019-I]


119. निम्नलिखित में से किस उभारदार मूर्तिशिल्प (रिलीफ स्कल्प्चर) शिलालेख में अशोक के प्रस्तर रूपचित्र के साथ ‘राण्यो अशोक’ (राजा अशोक) उल्लिखित है?
(a) कंगनहल्ली (b) साँची
(c) शाहबाजगढ़ी (d) सोहगौरा
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। कनगनाहल्ली कर्नाटक के सन्नती से लगभग 3 किमी दूर है। एक महत्त्वपूर्ण बौध स्थल है जहाँ एक प्राचीन महास्तूप बौध स्थल मिला है। यहाँ के खंडहर हो चुके बौध स्तूप से अशोक का पहला उत्कीर्ण चित्र (महिला परिचारिकाओं और रानियों से घिरा हुआ) , प्रपट किया गया था। उत्खनन में पाए गए यहाँ कि सबसे महत्त्वपूर्ण खोज में राया अशोक नाम का एक पत्थर की नक्काशीदार स्लैब शामिल है। [2019-I]


120. निम्नलिखित में से कौन-सा एक हड़प्पा स्थल नहीं है?
(a) चन्हुदड़ो (b) कोट दीजी
(c) सोहगौरा (d) देसलपुर
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। सहगौरा उत्तर प्रदेश के वर्तमान गोरखपुर जिले में अवस्थित है। यहाँ पाए गए अभिलेख चंद्रगुप्त मौर्य के शासन काल के हैं। साहगौरा अभिलेख में सूखे से पीड़ित प्रजा को राहत देने की बात कही गई है। [2019-I]


121. भारत के सांस्कृतिक इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. परिव्राजक – परित्यागी व भ्रमणकारी
2. श्रमण – उच्च पद प्राप्त पुजारी
3. उपासक – बौद्ध धर्म का साधारण अनुगामी
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही सुमेलित/हैं?

(a) केवल 1 और 2 (b) केवल 1 और 3
(c) केवल 2 और 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। श्रमण परम्परा भारत में प्राचीन काल से जैन, बौध तथा कुछ अन्य पन्थों में पायी जाती है। जैन भिक्षु या जैन साधु को श्रमण कहते हैं, जो पूर्णत: हिंसादि का प्रत्याख्यान करता और सर्वविरत कहलाता है। श्रमण को पाँच महाव्रतों – सर्वप्राणपात, सर्वमृष्षावाद, सर्वअदत्तादान, सर्वमैथुन और सर्वपरिग्रह को तन, मन तथा कर्म से पालन करना पड़ता है। यह कोई पद पुजारी नहीं होता है। [2020-I]


122. प्राचीन भारतीय गुप्त राजवंश के समय के संदर्भ में, नगर घंटाशाला, कदूरा तथा चौल किसलिए विख्यात थे?
(a) विदेशी व्यापार करने वाले बंदरगाह
(b) शक्तिशाली राज्यों की राजधानियाँ
(c) उत्कृष्ट प्रस्तर कला तथा स्थापत्य से संबंधित स्थान
(d) बौद्ध धर्म के महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थल
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। गुप्त काल में, आंतरिक और बाहरी दोनों तरह के व्यापार होते थे। रोमन साम्राज्य से व्यापार पश्चिमी भारत में कल्याण, चौल, ब्रोच और कैंबे के बंदरगाहों के माध्यम से होता था। गुप्त काल के दौरान आंध्र क्षेत्र में बंदरगाह कडुरा और घंटशाला तथा ये कावेरीपङ्क्ष्टनम और टोंडाई पांड्या क्षेत्र के बंदरगाह थे जहाँ से विदेशों से व्यापार किये जाते थे। [2020-I]


123. भारत के इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
प्रसिद्ध स्थल वर्तमान राज्य
1. भीलसा मध्य प्रदेश
2. द्वारसमुद्र महाराष्ट्र
3. गिरिनगर गुजरात
4. स्थानेश्वर उत्तर प्रदेश उपर्युक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 3 (b) केवल 1 और 4
(c) केवल 2 और 3 (d) केवल 2 और 4
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। विदिशा को पहले भेलसा के नाम से जाना जाता था और प्राचीन काल में बेसनगर के रूप में जाना जाता था, जो मध्य प्रदेश राज्य का एक शहर है। होयसला साम्राज्य (कर्नाटक) की राजधानी द्वारसमुद्र को इस्लामिक आक्रमणकारी मलिक काफूर ने नष्ट कर दिया था। गिरनार या गिरिनगर शेरों के लिए प्रसिद्ध है। यह गुजरात में स्थित है। थानेसर (जिसे थानेश्वर भी कहा जाता है और पुरातन रूप से, स्टानिश्वर) एक ऐतिहासिक शहर और हरियाणा राज्य का एक महत्वपूर्ण हिंदू तीर्थस्थल है। [2020-I]


124. निम्नलिखित में से किस शासक ने अपनी प्रजा को इस अभिलेख के माध्यम से परामर्श दिया? “कोई भी व्यक्ति जो अपने संप्रदाय को महिमा-मंडित करने की दृष्टि से अपने धार्मिक संप्रदाय की प्रशंसा करता है या अपने संप्रदाय के प्रति अत्यधिक भक्ति के कारण अन्य संप्रदायों की निन्दा करता है, वह अपितु अपने संप्रदाय को गंभीर रूप से हानि पहुँचाता है।क्च
(a) अशोक (b) समुद्रगुप्त
(c) हर्षवर्धन (d) कृष्णदेव राय
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। यह उधरण अशोक के एक शिलालेख (मुख्य स्तम्भ लेख 12) से लिया गया है। इसमें अशोक का संपादन है- “जो कोई भी अपने धर्म की प्रशंसा करता है, वह अत्यधिक भक्ति के कारण करता है, और दूसरों को इस विचार के साथ निंदा करता है; मुझे अपने धर्म का महिमामंडन करने दो, केवल अपने ही धर्म को हानि पहुँचाता है।क्च इसलिए संपर्क (धमोख्र के बीच) अच्छा है। दूसरों द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों को सुनना और उनका सम्मान करना चाहिए। राजा पियदसी, भगवान के प्रिय, की इच्छा है कि सभी अन्य धमोख्र के अच्छे सिद्धांतों को अच्छी तरह से सीखे।क्च [2020-I]


125. भारत के इतिहास के संदर्भ में, “कुल्यावापक्च तथा “द्रोणवापक्च शब्द क्या निर्दिष्ट करते हैं?
(a) भू-माप
(b) विभिन्न मौद्रिक मूल्यों के सिक्के
(c) नगर की भूमि का वर्गीकरण
(d) धार्मिक अनुष्ठान
Ans: (a) सही उत्तर विकल्प (a) है। गुप्तकाल में भूमि की माप का पैमाना था- 1. निर्वतन, 2. कुल्यावाप, 3. द्रोणवाप, 4. आढ़वाप. 1 कुल्यावाप = 8 द्रोणवाप = 32 आढ़वाप [2020-I]


126. निम्नलिखित में से कौन-सा उपवाक्य, उत्तर-हर्ष-कालीन स्रोतों में प्राय: उल्लिखित ‘हुंडी’ के स्वरूप की परिभाषा बताया है?
(a) राजा द्वारा अपने अधीनस्थों को दिया गया परामर्श
(b) प्रतिदिन का लेखा-जोखा अंकित करने वाली बही
(c) विनिमय पत्र
(d) सामन्त द्वारा अपने अधीनस्थों को दिया गया आदेश
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। हुंडी एक वित्तीय साधन है जो व्यापार और ऋण लेनदेन में उपयोग के लिए मध्यकालीन भारत में विकसित हुआ है। हुंडियों का उपयोग प्रेषण साधन के रूप में किया जाता है ताकि धन को उधार लेने के लिए क्रेडिट साधन के रूप में और व्यापार लेनदेन में विनिमय के बिल के रूप में एक स्थान से दूसरे स्थान पर धन स्थानांतरित किया जा सके। उसमें किसी व्यक्ति को बिना शर्त आदेश दिया हुआ होता है कि इस विपत्र के धारक को या उसमें अंकित व्यक्ति को उसमें अंकित धनराशि दे दी जाए। [2020-I]


127. भारत के इतिहास में निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए:
1. राजा भोज के अधीन प्रतिहारों का उदय
2. महेन्द्रवर्मन-I के अधीन पल्लव सत्ता की स्थापना
3. परान्तक-I द्वारा चोल सत्ता की स्थापना
4. गोपाल द्वारा पाल राजवंश की संस्थापना
उपर्युक्त घटनाओं का, प्राचीन काल से आरम्भ कर, सही कालानुक्रम क्या है?

(a) 2 – 1 – 4 – 3 (b) 3 – 1 – 4 – 2
(c) 2 – 4 – 1 – 3 (d) 3 – 4 – 1 – 2
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। • राजा भोज के अधीन प्रतिहारों का उदय: रामभद्र (833 ई. – 836 ई) ने नागभङ्क्ष्ट द्वितीय का स्थान प्राप्त किया। मिहिर भोज (836 ई..886 ई.) ने पश्चिम, बंगाल से पूर्व, और दक्षिण से नर्मदा की सीमा तक प्रतिहार प्रभुत्व का विस्तार किया। • महेंद्रवमर्न के तहत पल्लव शक्ति की स्थापना: महेंद्रवमर् न (571 ई. 630 ई.) के शासनकाल के दौरान पल्लव एक प्रमु ख शक्ति बन गए। • चोल शक्ति की स्थापना: (907-950) । • पाल वंश की स्थापना गोपाल द्वारा की गई। वह एक स्थानीय सरदार था, जो 8 वीं शताब्दी के मध्य में अराजकता के दौर में सत्ता में आया था। [2020-I]


128. भारत के धार्मिक इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्थाविरवादी महायान बौद्ध धर्म से संबद्ध हैं।
2. लोकोत्तरवादी संप्रदाय बौद्ध धर्म के महासंघिक संप्रदाय की एक शाखा थी।
3. महासंघिकों द्वारा बुद्ध के देवत्वारोपण ने महायान बौद्ध धर्म को प्रोत्साहित किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 और 3
(c) केवल 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (b) सही उत्तर विकल्प (b) है। स्थाविरवाद हीनयान बौध धर्म से संबध है। “स्थाविरवादक्च अथवा ‘थेरवाद’ शब्द का अर्थ है- ‘श्रेष्ठ जनों की बात’। बौध धर्म की इस शाखा में पाली भाषा में लिखे हुए प्राचीन त्रिपिटक धार्मिक ग्रंथों का पालन करने पर बल दिया जाता है। थेरवाद अनुयायियों का कहना है कि इससे वे बौध धर्म को उसके मूल रूप में मानते हैं। इनके लिए तथागत बुध एक महापुरुष अवश्य हैं, लेकिन कोई देवता नहीं। वे उन्हें पूजते नहीं और न ही उनके धार्मिक समारोहों में बुध-पूजा होती है। जहाँ महायान बौध परम्पराओं में देवी-देवताओं जैसे बहुत से दिव्य जीवों को माना जाता है, वहाँ थेरवाद बौध परम्पराओं में ऐसी किसी हस्ती को नहीं पूजा जाता। थेरवादियों का मानना है कि हर मनुष्य को स्वयं ही निर्वाण का मार्ग ढूंढ़ना होता है। इन समुदायों में युवकों के भिक्षुक बनने को बहुत शुभ माना जाता है और यहाँ यह परम्परा भी है कि युवक कुछ दिनों के लिए भिक्षु बनकर फिर गृहस्थ में लौट जाता है। [2020-I]


129. प्राचीन भारत के विद्वानों/साहित्यकारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पाणिनि पुष्यमित्र शुंग से संबंधित है।
2. अमरसिंह हर्षवर्धन से संबंधित है।
3. कालिदास चन्द्र गुप्त-II से संबंधित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 और 3
(c) केवल 3 (d) 1, 2 और 3
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। पुष्यमित्र शुंग दूसरी शताब्दी ई. पू. में थे, इनका जन्म 185 ई. पूमें हुआ था, जबकि पाणिनि छठी शताब्दी ई. पू. में थे। पतंजलि पुष्यमित्र शुंग से सम्बंधित थे। ‘महाभाष्य’ पतंजलि के द्वारा रचित व्याकरण शास्त्र है, जिसमें लिखा है- ‘इह पुष्यमित्रम् यजामहे‘ (यहाँ हम पुष्यमित्र के लिए यज्ञ करते हैं) । अमरसिंह चन्द्रगुप्त द्वितीय अथवा चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य से सम्बंधित हैं। राजशेखिर लिखित कवि मीमांसा के अनुसार अमरसिंह ने उज्जयिनी में काव्यकार परीक्षा उत्तीर्ण की थी। कालिदास, चन्द्रगुप्त द्वितीय से संबन्धित हैं। वे चन्द्रगुप्त द्वितीय के नौरत्नों में शामिल थे। चन्द्रगुप्त द्वितीय के नौरत्न थे- धन्वंतरि, क्षपणक, अमरसिंह, शंकु, बेताल भङ्क्ष्ट, घटखर्पर, कालिदास, वराहमिहिर और वररुचि। [2020-I]


130. भारत के सांस्कृतिक इतिहास के संदर्भ में, ‘परामिता’ शब्द का सही विवरण निम्नलिखित में से कौन-सा है?
(a) सूत्र पद्धति में लिखे गए प्राचीनतम धर्मशास्त्र पाठ
(b) वेदों के प्राधिकार को अस्वीकार करने वाले दार्शनिक सम्प्रदाय
(c) परिपूर्णताएँ जिनकी प्राप्ति से बोधिसत्व पथ प्रशस्त हुआ
(d) आरम्भिक मध्यकालीन दक्षिण भारत की शक्तिशाली व्यापारी श्रेणियाँ
Ans: (c) सही उत्तर विकल्प (c) है। बौध धर्म में ‘परिपूर्णता’ या कुछ गुणों का चरमोन्नयन की स्थिति को परामिता या पारमी (पालि) कहा गया है। बौध धर्म में इन गुणों का विकास पवित्रता की प्राप्ति, कर्म को पवित्र करने आदि के लिए की जाती है ताकि साधक अनावरुध जीवन जीते हुए भी ज्ञान की प्राप्ति कर सके। ‘परामिता’ शब्द ‘परम्’ से व्युत्पन्न है। महायान ग्रन्थों में छ:, दशभूमिकासूत्र में चार तथा थेरवाद ग्रन्थों में दस परामिता वर्णित हैं। [2020-I]


Pages: 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29

Leave a Reply