पर्यावरण अध्ययन (EVS) Chapterwise Question Bank in Hindi

01. पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी तंत्र

1. घास-भूमि क्षेत्र के पारितंत्र की खाद्य शृंखला में सबसे उच्च स्तर के उपभोक्ता होते हैं
(a) शाकाहारी (b) मांसाहारी
(c) जीवाणु (d) मांसाहारी या शाकाहारी
Ans: (b) घास-भूमि क्षेत्र के पारितंत्र की खाद्य शृंखला में सबसे उच्च स्तर के उपभोक्ता मांसाहारी होते है- घास स्थलीय पारिस्थितिक तंत्र में खाद्य शृंखला के जीवधारियों का क्रम घास→ टिड्डा → मेढ़क → सर्प → गिद्ध उत्पादक प्राथमिक द्वितीय तृतीय (मांसाहारी) उपभोक्ता उपभोक्ता उपभोक्ता नोट: लेकिन इलाहाबाद हाइकोर्ट ने इस प्रश्न का उत्तर (c) माना है।


2. निम्नलिखित में से कौन-सा जैवमंडल का अजैविक घटक नहीं है?
(a) प्रोटीन (b) मृदा
(c) कवक (d) फॉस्फोरस
Ans: (c) कवक जैवमंडल का अजैविक घटक नहीं है। यह अत्यन्त महत्वपूर्ण जैविक घटक है जो प्राय: उत्पादक (Producers) तथा उपभोक्ताओं के मृत्यु के पश्चात उनके शरीर का अपघटन करते है तथा इनसे निर्मित साधारण पदार्थों द्वारा अपना भोजन एवं ऊर्जा प्राप्त करते हैं। ऐसे निर्जीव पदार्थ जो जीवो को किसी-न किसी रूप में प्रभावित करते है अजैविक घटक कहलाते है। उदाहरण – मृदा‚ हवा‚ जल‚ कार्बनिक पदार्थ (प्रोटीन‚ कार्बोहाइड्रेट) तथा अकार्बनिक पदार्थ (नाइट्रोजन‚ फॉस्फोरस‚ सल्फर) आदि।


3. ‘एगमार्क’ का सम्बन्ध है –
(a) गुणवत्ता से (b) पैकेजिंग से
(c) संसाधन से (d) उत्पादन से
Ans: (a) एगमार्क का सम्बन्ध गुणवत्ता से है। एगमार्क (AGMARK) एक प्रमाणित चिन्ह है जो भारत में कृषि/खाद्य उत्पादों पदार्थों पर लगाया जाता है। एगमार्क शुद्ध रूप से खाद्य पदार्थों से जुड़ा हुआ प्रमाण चिन्ह है‚ जो खाद्य वस्तुओं की शुद्धता एवं गुणवत्ता को सुनिश्चित करता है। यह भारत सरकार के खाद्य मंत्रालय द्वारा दिया जाता है। इस मार्क के मिल जाने से विक्रेता को अपने उत्पाद की शुद्धता को प्रमाणित करने के लिए मेहनत नही करनी पड़ती। क्रेता इस मार्क को देखकर ही उत्पाद की गुणवत्ता और शुद्धता पर विश्वास कर सकता है।


4. पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का मुख्य स्रोत है
(a) ए. टी. पी. (b) सर्य-प्रकाश
(c) डी. एन. ए. (d) आर. एन. ए.
Ans: (b) पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य का प्रकाश है। सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र की ऊर्जा का एक मात्र स्रोत है। यही पृथ्वी पर जीवन को संचालित करता है‚ अत: इसे पारिस्थितिक तन्त्र का प्रेरक बल भी कहते है। सूर्य से प्राप्त ऊर्जा सौर ऊर्जा कहलाती है। इस ऊर्जा की सहायता से हरे पौधे प्रकाश संश्लेषण क्रिया द्वारा भोजन का निर्माण करते है तथा कोशिकीय श्वसन करते है जिसके फलस्वरूप ऊर्जा उत्पन्न होती है। सभी जीवो के लिए सूर्य से आने वाला प्रकाश (सौर ऊर्जा) ही ऊर्जा का अंतिम स्रोत है।


5. भू-पारिस्थितिकीय तंत्र में ऊर्जा का महत्त्वपूर्ण स्रोत
(a) सूर्य है। (b) पृथ्वी है।
(c) चन्द्रमा है। (d) शुक्र है।
Ans: (a) भू-पारिस्थितिकीय तंत्र में ऊर्जा का महत्त्वपूर्ण स्रोत सूर्य है। सूर्य ऊर्जा का सर्वाधिक व्यापक एवं अपरिमित स्रोत है‚ जो वातावरण में फोटॉन (छोटी-छोटी प्रकाश-तरंग-पेटिकाएं) के रूप में विकिरण ऊर्जा का संचार करता है। सम्भवत: पृथ्वी पर सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण रासायनिक अभिक्रिया प्रकाश-संश्लेषण को माना जा सकता है‚ जो सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में हरे पौधों में होता है। इसलिए‚ सौर ऊर्जा को पृथ्वी पर जीवन का प्रमुख संवाहक माना जाता है।


6. किसी खाद्य शृंखला में शाकाहारी होते हैं
(a) प्राथमिक उत्पादक (b) प्राथमिक उपभोक्ता
(c) द्वितीयक उपभोक्ता (d) अपघटनकर्ता
Ans: (b) किसी खाद्य शृंखला में शाकाहारी प्राथमिक उपभोक्ता होते हैं। उत्पादक हमेशा हरे पौधे होते हैं जो क्लोरोफिल की सहायता से प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के द्वारा भोजन का निर्माण करते हैं। द्वितीयक उपभोक्ता मांसाहारी होते हैं। अपघटन कर्ता सड़े-गले पदार्थों से ऊर्जा प्राप्त करते हैं। जैसे−मृतोपजीवी‚ कवक और जीवाणु


7. जब मोर साँप को खाता है‚ साँप कीड़ों को खाता है और कीड़े हरे पौधों को खाते हैं‚ तो मोर का पोषण तल है
(a) प्राथमिक उपभोक्ता
(b) अन्तिम अपघटक
(c) प्राथमिक अपघटक
(d) खाद्य पिरामिड के शीर्ष पर
Ans: (d) जब मोर साँप को खाता है‚ साँप कीड़ों को खाता है और कीड़े हरे पौधों को खाते हैं‚ तो मोर का पोषण तल खाद्य पिरामिड के शीर्ष पर होगा।


8. जब एक जीव लाभ लेता है बगैर दूसरे सहवासी जीव को प्रभावित किये‚ तो कहलाता है
(a) परजीवी (b) सहभोजी
(c) मृतोपजीवी (d) सहजीवी
Ans: (b) सहभागिता या सहभोजी यह दो विभिन्न जीव-जातियों के बीच एक ऐसी अन्तर्क्रिया (Interact) होती है‚ जिसमें एक जन्तु (Animal) को तो इस सम्बन्ध (Relation) से लाभ (Benefit) होता है किन्तु दूसरे जन्तु को कोई हानि (Loss) नहीं होती है‚ उदाहरणार्थ−गैस्ट्रोपोड (Gastropod) कवच में केकड़ा (Crab) रहता है और कवच के ऊपर समुद्री एनीमोन (Anaemon) चिपकी रहती है। इसी प्रकार शार्क से पैट्रोमाइजोन चिपकी रहती है। ह्वेलों से समुद्री वर्निकल चिपके रहते हैं।


9. इकोसिस्टम की सही परिभाषा क्या है?
(a) परस्पर क्रिया करने वाला जीव समुदाय
(b) किसी स्थान का अजीवीय घटक
(c) पृथ्वी और वायुमण्डल का क्षेत्र जहाँ जीव रहते हैं
(d) जीव समुदाय और उसके वातावरण का सन्तुलित तन्त्र
Ans: (d) पारिस्थितिक तंत्र एक प्राकृतिक इकाई है जिसमें एक क्षेत्र विशेष के सभी जीवधारी अर्थात्‌ पौधे‚ जानवर और अणु-जीव शामिल है जो कि अपने अजैव पर्यावरण के साथ अंतर्क्रिया करके एक सम्पूर्ण जैविक इकाई बनाते हैं। इस प्रकार पारितंत्र अन्योन्याश्रित अवयवों की एक इकाई है जो एक ही आवास को बांटते हैं। पारितंत्र आमतौर पर अनेक खाद्य जाल बनाते हैं जो पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर इन जीवों के अन्योन्याश्रय और ऊर्जा के प्रवाह को दिखाते हैं। जैसे−तालाब‚ वन आदि।


10. जो शाकाहारी जन्तु भोजन के लिए हरे पेड़-पौधों पर निर्भर रहते हैं−
(a) प्रथम चरण उपभोक्ता (b) द्वितीय चरण उपभोक्ता
(c) तृतीय चरण उपभोक्ता (d) उपभोक्ता
Ans: (a) टिड्डा मेढ़क पौधे → शाकाहारी जन्तु → मांसाहारी जन्तु खाद्य शृंखला में जो सूर्य के प्रकाश में अपने भोजन का निर्माण करता है उसे उत्पादक (Producer) कहते हैं। जैसे−पेड़-पौधे तथा जो जीव इन उत्पादकों से अपना भोजन प्राप्त करते हैं उसे प्रथम श्रेणी का उपभोक्ता कहा जाता है। जैसे− घास परितंत्र में टिड्डा प्राथमिक उपभोक्ता है। जो जीव इन प्रथम श्रेणी के उपभोक्ता से अपना भोजन प्राप्त करते हैं उन्हें द्वितीय श्रेणी के उपभोक्ता कहते हैं।


11. जैविक समुदाय में प्राथमिक उपभोक्ता हैं
(a) मांसाहारी (b) सर्वाहारी
(c) शाकाहारी (d) डेट्रिटीवोर
Ans: (c) जैविक समुदाय में खाद्य शृंखला इस प्रकार होती है− उत्पादक → शाकाहारी → मांसाहारी → अपघटक इस प्रकार जैविक समुदाय में प्रथम उपभोक्ता शाकाहारी होते हैं। पारिस्थितिक तन्त्र प्राथमिक उत्पादक जलीय पारिस्थितिक तन्त्र (Aquatic Ecosystem) विभिन्न प्रकार के शैवाल वन-पारिस्थितिक तन्त्र (Forest Ecosystem) बड़े-बड़े वृक्ष‚ झाड़ियाँ तथा शाकीय पौधे घास-स्थल (Grass Land) विभिन्न प्रकार की घासें एवं जंगली छोटे शाकीय पौधे फसल स्थल (Crop Land) उपस्थित फसल के पौधे


12. किसी पारितन्त्र में तत्वों का चक्रण कहलाता है
(a) जैव भू-रासायनिक चक्र (b) भूवैज्ञानिक चक्र
(c) रासायनिक चक्र (d) इनमें से कोई नहीं
Ans: (a) सभी जीवों को मुख्यत: चार तत्वों की आवश्यकता होती है। ये तत्व हैं−कार्बन‚ ऑक्सीजन‚ नाइट्रोजन तथा हाइड्रोजन। ये तत्व वातावरण से जीवों में और जीवों से वातावरण में स्थानान्तरित होते रहते हैं। जीवमण्डल में विद्यमान ये चक्र जैव-भूगर्भी रासायनिक चक्र या पोषक चक्र कहलाते हैं।


13. खाद्य शृंखला के परस्पर समूह को कहा जाता है
(a) खाद्य चक्र (b) शृंखला अभिक्रिया
(c) खाद्य जाल (d) बायोमास का पिरामिड
Ans: (c) खाद्य शृंखला के परस्पर समूह को खाद्य जाल कहा जाता है। इस शृंखला में कारक एक सीधी कड़ी के रूप में नहीं जुड़े होते हैं बल्कि सभी एक दूसरे से परस्पर सम्बन्धित होते हैं।


14. निम्न में कौन सर्वाधिक उत्पादक पारिस्थितिकी तन्त्र है?
(a) उष्णकटिबन्धीय वर्षा वन (b) टुण्ड्रा
(c) सवाना (d) मरुस्थल
Ans: (a) उष्णकटिबन्धीय वर्षा वन सर्वाधिक उत्पादक पारिस्थितिकी तंत्र है क्योंकि इस प्रकार के वन विषुवत रेखा के आस-पास पाए जाते हैं परिणामस्वरूप इस क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा तथा पर्याप्त तापमान होने के कारण पारिस्थिति तंत्र के उत्पादन के लिए आदर्श उत्पन्न हो जाती हैं।


15. पर्यावरण की परिभाषा क्या है?
(a) एबायोटिक एवं बायोटिक घटक
(b) समुद्रतल के नीचे पृथ्वी पर वस्तुएँ
(c) चीजें जो हमको घेरती हैं
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
Ans: (a) पर्यावरण अनेक तत्वों से मिलकर बना है जो व्यवस्थित समूह में होता है जिसमें सभी घटक (बायोटिक तथा एबायोटिक) प्रकृति में संतुलित रूप से रहते हैं।


16. निम्नलिखित में किस एक प्राणी को किसान का मित्र कहा जाता है?
(a) चींटी (b) केंचुआ
(c) मधुमक्खी (d) तितली
Ans: (b) केंचुआ को किसानों का मित्र कहा जाता है क्योंकि केंचुआ नीचे की मिट्‌टी को ऊपरी सतह तक लाने का कार्य करते हैं जिससे मिट्‌टी और अधिक उपजाऊ हो जाती है।


17. निम्नलिखित में कौन द्वितीय श्रेणी का उपभोक्ता है?
(a) हाथी (b) साँप
(c) शेर (d) बकरी
Ans: (b) हाथी एवं बकरी प्रथम श्रेणी के उपभोक्ता हैं। साँप द्वितीय श्रेणी का उपभोक्ता है जबकि शेर तृतीय श्रेणी का उपभोक्ता है।


18. कृत्रिम वर्षा के लिए मेघबीजन के लिए प्रयुक्त रसायन है
(a) सिल्वर नाइट्रेट (b) पोटैशियम ब्रोमाइड
(c) सिल्वर आयोडाइड (d) पोटैशियम नाइट्रेट
Ans: (c) सिल्वर आयोडाइड का प्रयोग कृत्रिम वर्षा कराने के लिए मेघ बीज के रूप में किया जाता है।


19. अन्य मृत जन्तुओं पर निर्वाह करने वाले प्राणी को कहते हैं
(a) पैरासाइट (b) डीकम्पोजर
(c) स्कैवेन्जर (d) ओम्नीवोर
Ans: (c) स्कैवेन्जर मांसाहारी एवं शाकाहारी दोनों होते हैं जो पर्यावरण में मृत जीव जन्तुओं तथा मृत पेड-पौधों पर अपना जीवन निर्वाह करते हैं जैसे−मक्खी‚ गिद्ध आदि।


20. पारिस्थितिकी तन्त्र का उदाहरण है
(a) वायु (b) तालाब
(c) जल (d) मृदा
Ans: (b) तालाब एक प्रकार का पारिस्थितिकी तंत्र का उदाहरण है क्योंकि तालाब में जैव-अजैव तत्वों के साथ-साथ जीव जन्तुओं तथा पेड़ पौधों की उपस्थिति होती है।


21. निम्नलिखित में से जैविक घटक है
(a) पादप (b) मृदा
(c) वायु (d) जल
Ans.: (a) पादप जैविक घटक है क्योंकि इनमें जीवन तथा उत्पादन की क्षमता होती है। जल‚ वायु तथा मृदा अजैव घटक के अन्तर्गत आते हैं।


22. पृथ्वी का अपमार्जक कौन है?
(a) जीवाणु व कवक (b) मृदा व जल
(c) पशु (d) पक्षी
Ans.: (a) जीवाणु एवं कवक को पृथ्वी का अपमार्जक कहा जाता है। ये ऐसे जीव हैं जो अपने आवासीय क्षेत्र में उपस्थित मृत जैविक पदार्थों को खाकर अपना निर्वाह करते हैं।


23. कौन जीवीय कारक नहीं है?
(a) पेड़-पौधे (b) जन्तु
(c) सूक्ष्मजीव (d) चट्‌टान
Ans: (d) जीवीय कारक (Biotic factor) वे होते है जिसमे जीवन की जैविक क्रियायें होती है जैसे श्वसन‚ निषेचन‚ उत्सर्जन आदि। पेड़-पौधे‚ जन्तु एवं सूक्ष्म जीव आदि जैवीय कारक है जबकि चट्‌टान एक अजैवीय कारक है।


24. हमारे पर्यावरण में किस गैस का सबसे अधिक सान्द्रण है?
(a) ऑक्सीजन (b) कार्बन डाइऑक्साइड
(c) हाइड्रोजन (d) नाइट्रोजन
Ans.: (d) पृथ्वी को घेरती हुई जितने स्थान में वायु रहती है उसे वायुमण्डल कहते हैं। वायुमण्डल के निचले भाग को क्षोभमण्डल‚ उसके ऊपर के भाग को समताप मण्डल एवं इसके ऊपर के भाग को आयनमण्डल कहते हैं। वायुमण्डल में पाये जाने वाले गैसों का सान्द्रण निम्न है − नाइट्रोजन – 78% ऑक्सीजन – 20.95% आर्गन – 0.93% कार्बन डाई आक्साइड – 0.03% नियोन – 0.0018% हाइड्रोजन – 0.001%


25. यदि एक मेंढ़क एक टिड्‌डे को खाता है‚ तो ऊर्जा का स्थानान्तरण होगा
(a) उत्पादक से अपघटक को
(b) उत्पादक से प्राथमिक उपभोक्ता को
(c) प्राथमिक उपभोक्ता से द्वितीयक उपभोक्ता को
(d) द्वितीयक उपभोक्ता को प्राथमिक उपभोक्ता को
Ans. (c) मेंढ़क (द्वितीय उपभोक्ता) द्वारा टिड्‌डे (प्राथमिक उपभोक्ता) को खाने पर खाद्य शृंखला में ऊर्जा का स्थानान्तरण प्राथमिक उपभोक्ता से द्वितीयक उपभोक्ता की तरफ होगा।


26. हमारे पर्यावरण को बचाने के लिए तीन प्रकार के ‘R’ है।
(a) कम उपयोग‚ पुन:चक्रण‚ पुन: निर्माण
(b) पुन: उपयोग‚ पुन: संरचना‚ पुन: निर्माण
(c) कम उपयोग‚ पुन: चक्रण और पुन: उपयोग
(d) कम उपयोग‚ पुन: चक्रण और पुन: संरचना
Ans. (c) पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 1992 के एक नीतिगत बयान में 3R की घोषणा की। 3R R – Reduce – कम उपयोग R – Recycle – पुन: चक्रण R – Reuse – पुन: उपयोग


27. मानव पर्यावरण सम्बन्ध एक………….संकल्पना है
(a) ऋणात्मक (b) धनात्मक
(c) संज्ञानात्मक (d) इनमें से सभी
Ans: (b) मानव पर्यावरण सम्बंध एक धनात्मक संकल्पना है। मानव−पर्यावरण (Man- Environment Relationship) सम्बन्ध − मनुष्य की प्राकृतिक पर्यावरण के साथ दो तरफा भूमिका होती है। अर्थात्‌ मनुष्य एक तरफ तो भौतिक पर्यावरण के जैविक संघटक का एक महत्त्वपूर्ण भाग तथा घटक (Component) है तेा दूसरी तरफ वह पर्यावरण का एक महत्त्वपर्ण कारक (Factor) भी है।


28. निम्न में से पृथ्वी पर कौन-सा पारिस्थितिक तन्त्र सबसे बड़ा है?
(a) रेगिस्तान (b) समुद्र
(c) वन (d) कृषि भूमि
Ans. (b) समुद्र का पारिस्थितिक तंत्र (Ecology System) पृथ्वी पर उपस्थित सभी पारिस्थितिक तंत्र में सबसे बड़ा तथा सबसे अधिक भाग पर विस्तारित है।


29. ह्वाूमस निर्माण में कौन सहायक है?
(a) उत्पादक (b) अपघटक
(c) उपभोक्ता (d) इसमें से सभी
Ans: (d) कृषि के संदर्भ में मिट्टी की सबसे ऊपरी परत को ह्वाूमस कहते है। जिसमें जैविक पदार्थ की मात्रा भरपूर होती है। कृत्रिम कम्पोस्ट खाद या वनो से प्राप्त प्राकृतिक कम्पोस्ट खाद को भी ह्वाूमस कहते है। _ ह्वाूमस के निर्माण में अपघटक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


30. किसी खाद्य शृंखला की प्रथम कड़ी सदैव हरे पादप होते हैं‚ क्योंकि-
(a) वे विस्तृत रूप से फैले होते है
(b) वे मृदा से जुड़े होते है
(c) वे सूर्य के प्रकाश में वायुमण्डलीय CO2 को स्थिरीकृत करते है
(d) उनमें जड़ें होती है
Ans: (c) किसी खाद्य शृंखला की प्रथम कड़ी सदैव हरे पादप होते है क्योंकि वे सूर्य के प्रकाश में वायुमण्डलीय कार्बन डाईआक्साइड (CO2) को स्थिरीकृत करते है।


31. पर्यावरण जागरुकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निम्न में से कौन सी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है?
(a) ग्रीन ओलंपियाड
(b) वन महोत्सव
(c) पर्यावरण संबंधी प्रदर्शनी
(d) पर्यावरण दिवस समारोह
Ans: (a) पर्यावरण जागरुकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रीन ओलंपियाड प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है इसका आयोजन TERI (The energy and resources Institute) द्वारा किया जाता है।


32. पर्यावरण अपघटन के कारण उत्पन्न होने वाले परिणामी खतरों में शामिल है/हैं-
(a) भूस्खलन
(b) बाढ़ एवं सूखा
(c) वनो में अग्नि दुर्घटनाएँ
(d) उपरोक्त सभी
Ans: (b) पर्यावरण अपघटन के कारण जलवायु (Climate) में परिवर्तन होता है जिसके परिणाम स्वरूप कई प्रकार की प्राकृतिक आपदा उत्पन्न होती है- जैसे- सूखा‚ बाढ़‚ अत्यधिक वर्षा आदि।


33. इनमे से कौन एक पर्यावरण समस्या नहीं है?
(a) जल का विनाश (दूरुपयोंग)
(b) जल का संरक्षण
(c) वनों की कटाई
(d) भूमि अपरदन (क्षरण)
Ans: (b) जल संरक्षण (Water Conservation) पर्यावरण समस्या नहीं है बल्कि पर्यावरण की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक है। वे सभी कार्य जिससे पर्यावरण का ह्रास होता है वह कारक पर्यावरण समस्या के अन्तर्गत आता है। जैसे-जल का दुरुपयोग‚ वनों की कटाई‚ भूमि अपरदन आदि।


34. स्कूलो में पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने हेतु छात्रों की मानसिकता में बदलाव लाने में कौन सी रणनीति कारगर सिद्ध होगी?
(a) खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन
(b) पाठयक्रम में बदलाव तथा गैर शैक्षिक तथा रचनात्मक क्रिया कलापो को शामिल करके।
(c) परीक्षा के माध्यम से
(d) इनमे कोई नहीं।
Ans: (b) छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने तथा उनके मानसिकता में बदलाव लाने के लिए सबसे उपयुक्त रणनीति है कि छात्रों के पाठयक्रम में बदलाव लाया जाये तथा उन्हे गैर शैक्षिक गतिविधियों में शामिल किया जाये।


35. पर्यावरण के अन्तर्गत आते हैं
(a) पेड़-पौधे‚ जीव-जन्तु (b) रिश्ते-नाते‚ संस्कृति
(c) मकान‚ सड़कें‚ पूजा स्थल(d) उपरोक्त सभी
Ans.: (d) पर्यावरण का तात्पर्य है चारों तरफ का परिवेश (वातावरण) जिससे हम घिरे हुए हैं। इसके अन्तर्गत पेड़-पौधे‚ जीवजन्तु‚ सांस्कृतिक एवं पारिवारिक परिवेश‚ प्राकृतिक व अप्राकृतिक कारक आदि आते हैं।


36. इनमे से कौन मानव पर्यावरण का एक घटक नहीं है?
(a) भूमि (b) धर्म
(c) समुदाय (d) परिवार
Ans: (b) मानव पर्यावरण के अन्तर्गत वे सभी कारक सम्मिलित होते हैं जो मानव के चारो तरफ स्थित होते हैं जैसे- मृदा‚ समुदाय‚ जनसंख्या‚ परिवार तथा संचार आदि आते हैं। धर्म मानव पर्यावरण का घटक नहीं है।


37. प्राकृतिक एवं सामाजिक-सांस्कृतिक पर्यावरण के बीच अन्त:क्रिया का उदाहरण है
(a) वनों की कटाई (b) शिकार
(c) निर्माण कार्य (d) उपरोक्त सभी
Ans.: (d) वनों की कटाई‚ शिकार तथा निर्माण कार्य प्राकृतिक एवं सामाजिक सांस्कृतिक पर्यावरण के बीच अन्त: क्रिया का उदाहरण है।


38. ऊर्जा का पिरामिड होता है
(a) सीधा (b) उल्टा
(c) अनियमित (d) इनमें से कोई नहीं
Ans.: (a) ऊर्जा का पिरामिड सीधा होता है।


39. एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर ऊर्जा का कितना भाग स्थानान्तरित होता है?
(a) 25% (b) 30%
(c) 50% (d) 10%
Ans.: (d) एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर तक ऊर्जा का 10% भाग स्थानान्तरित होता है। 10 प्रतिशत नियम लिंडमैन ने 1942 में दिया था। इस नियम के अनुसार 90 प्रतिशत भाग प्रत्येक स्तर अपने ऊर्जा प्रयोग में ले लेता है तथा अपने से आगे केवल 10% छोड़ता है।


40. प्राकृतिक पर्यावरण के प्रमुख घटक हैं
(a) सभी जीव (b) भू-आकृतिक कारक
(c) जलवायुवीय कारक (d) ये सभी
Ans.: (d) प्रकृति के सभी जैव व अजैव घटकों को प्राकृतिक पर्यावरण के अन्तर्गत सम्मिलित किया जाता है। अत: प्राकृतिक पर्यावरण सभी जीव‚ भू-आकृतिक तथा जलवायु कारक घटक के रूप में आएंगे।


41. पारितन्त्र में ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत है
(a) वनस्पति (b) सूर्य का प्रकाश
(c) परमाणु ऊर्जा (d) भोजन
Ans.: (b) पारितंत्र में ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत सूर्य का प्रकाश है। सूर्य से प्राप्त ऊर्जा का स्रोत खाद्य रूप में परिवर्तित करने का कार्य पौधों द्वारा ही सम्पादित किया जाता है जो प्रकाश संश्लेषण द्वारा कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2) तथा जल से भोज्य पदार्थों का निर्माण करते हैं। अत: परितंत्र में ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत सूर्य है।


42. खाद्य शृंखला में ऊर्जा का प्रवाह होता है
(a) एकदिशीय (b) बहुदिशीय
(c) चक्रीय (d) उभयदिशीय
Ans.: (a) किसी पारिस्थितिक तंत्र में खाद्य शृंखला विभिन्न प्रकार के जीवधारियों का वह क्रम है‚ जिससे जीवधारी भोज्य एवं भक्षक के रूप में सम्बन्धित रहते हैं और इनमें होकर खाद्य ऊर्जा का प्रवाह एक ही दिशा में अर्थात्‌ एकदिशीय होता हे।


43. पर्यावरणीय असंतुलन का कारण है
(a) पर्यावरणीय चेतना का अभाव
(b) भौतिकवादी सोच
(c) भोगवादी प्रवृत्ति
(d) इनमें से सभी।
Ans: (d) पर्यावरणीय असंतुलन का मुख्य कारण पर्यावरण (Environment) के संसाधनों का अनुचित दोहन है साथ ही पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता का अभाव भी इसका एक कारण है। बढ़ती जनसंख्या‚ बढ़ता अंधाधुनिकरण के कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ गया है जिस कारण अनेक प्रकार की प्राकृतिक आपदाए असमय आ रही है। Large carnivores 1 cal Small carnivores 10 cal Herbivores 100 cal Green plants 1000 calory


44. निम्न में से कौन-सा पर्यावरण अध्ययन का घटक नहीं है?
(a) मानव (b) वायुमण्डल
(c) जलमण्डल (d) सौरमण्डल
Ans.: (d) पर्यावरण अध्ययन के अन्तर्गत वायुमण्डल‚ जल मण्डल‚ स्थलमण्डल तथा जैवमण्डल (मानव) आदि कारकों का अध्ययन किया जाता है। पर्यावरण अध्ययन के अन्तर्गत सौर मण्डल का अध्ययन नहीं किया जाता है।


45. ‘दस प्रतिशत नियम’ दिया गया
(a) लिण्डमान द्वारा (b) गोल्डमान द्वारा
(c) बैकमान द्वारा
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
Ans.: (a) ‘दस प्रतिशत नियम’ लिण्डमान द्वारा 1942 ई. दिया गया है। यह नियम ऊर्जा उपभोग से सम्बन्धित है।


46. पर्यावरण एक स्रोत है
(a) अधिगम का (b) औषधि का
(c) ऊर्जा का (d) इनमें से सभी।
Ans: (d) पर्यावरण अधिगम‚ औषधि एवं ऊर्जा तीनों का स्रोत है। पर्यावरण से प्रचुर मात्रा में पादप औषधियों की प्राप्ति होती है पर्यावरण अधिगम से छात्रों में सामंजस्य एवं भावनात्मक क्षमता का विकास होता है।


47. ऊर्जा संवहन के निम्नलिखित आरेख को ध्यान-पूर्वक देखें:
उपर्युक्त आरेख के आधार पर कौन-सा विकल्प सही होगा?
(a) 2-बकरी‚ 3-मनुष्य‚ 5-शेर
(b) 2-सूरज‚ 3-बकरी‚ 5-मनुष्य
(c) 1-सूरज‚ 2-बकरी‚ 5-मनुष्य
(d) 1-सूरज‚ 2-पौधा‚ 3-शेर
Ans: (c) ऊर्जा शृंखला में सूर्य ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। ऊर्जा शृंखला का चित्र निम्न है- ऊर्जा का स्रोत – सूर्य पादप शाकाहारी मांसाहारी अपघटक जीव 1 2 3 4 5 एक चरण से दूसरे चरण में ऊर्जा का स्थानान्तरण मात्र 10% होते है।


48. जैविक पर्यावरण में शामिल है
(a) उत्पादक (b) उपभोक्ता
(c) अपघटक (d) उपरोक्त सभी
Ans: (d) जैविक पर्यावरण के अन्तर्गत सभी जीवित तत्व आ जाते है जीवित तत्वों को तीन भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है- उत्पादक (Producer)‚ उपभोक्ता (Consumer) एवं अपघटक (Decomposer)।


49. ई वी एस एकीकरण है
(a) पारिस्थितिकी‚ विषाणुविज्ञान और विज्ञान का
(b) विज्ञान और सामाजिक अध्ययन का
(c) विज्ञान‚ सामाजिक अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा का
(d) पर्यावरण विज्ञान और सामाजिक अध्ययन का
Ans: (c) ई.वी.एस (EVS-Environmental Studies) एकीकरण अन्तर्गत विज्ञान सामाजिक अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा को शामिल किया गया है।


50. निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-से पर्यावरणीय मुद्दे है?
(i) जल संरक्षण
(ii) कचरा निस्तारण
(iii) जनसंख्या वृद्धि
(a) (i) और (ii) (b) (i)
(c) (ii) और (iii) (d) (i), (ii) और (iii)
Ans: (d) पर्यावरण को प्रभावित करने वाले सभी कारक (सामाजिक‚ आर्थिक‚ राजनैतिक एवं जलवायु) पर्यावरणीय मुद्दे कहे जाते हैं। जैसे- जल संरक्षण‚ कचरा निस्तारण‚ जनसंख्या वृद्धि‚ प्रदूषण आदि।


51. निम्नलिखित में से कौन-सी खाद्य शृंखला घासीय मैदान की नहीं है?
(a) कीट‚ मेंढक‚ साँप (b) खरगोश‚ लोमड़ी‚ शेर
(c) प्लावक‚ मछली‚ व्हेल (d) चूहा‚ साँप‚ गिद्ध
Ans: (c) प्लावक‚ मछली‚ व्हेल खाद्य शृंखला जलीय क्षेत्र की है। प्लावक एक सूक्ष्म घास होती है जो मछलियों का आहार होती है।


52. पृथ्वी पर ऊर्जा का चरम स्रोत है
(a) पवन (b) सूर्य
(c) पौधे (d) जानवर
Ans: (b) पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य का प्रकाश है। सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र की ऊर्जा का एक मात्र स्रोत है। यही पृथ्वी पर जीवन को संचालित करता है‚ अत: इसे पारिस्थितिक तन्त्र का प्रेरक बल भी कहते है। सूर्य से प्राप्त ऊर्जा सौर ऊर्जा कहलाती है। इस ऊर्जा की सहायता से हरे पौधे प्रकाश संश्लेषण क्रिया द्वारा भोजन का निर्माण करते है तथा कोशिकीय श्वसन करते है जिसके फलस्वरूप ऊर्जा उत्पन्न होती है। सभी जीवो के लिए सूर्य से आने वाला प्रकाश (सौर ऊर्जा) ही ऊर्जा का अंतिम स्रोत है।


53. ह्यूमस निर्माण में कौन सहायक है?
(a) उत्पादक
(b) अपघटक
(c) उपभोक्ता
(d) ये सभी
Ans. (b): कृषि के सन्दर्भ में मिट्टी के सबसे ऊपरी परत को ह्यूमस कहते हैं‚ जिसमें जैविक पदार्थों की भरपूर मात्रा कहते हैं। अपघटक ह्यूमस के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। ये अत्यन्त महत्त्वपूर्ण जीविय घटक होते है जो उत्पादक तथा उपभोक्ताओ की मृत्यु के पश्चात उनके शरीर का अपघटन करते है तथा इनसे निर्मित साधारण पदार्थों द्वारा अपना भोजन तथा ऊर्जा प्राप्त करते है।


54. अत्यधिक चारण का परिणाम है
(a) मृदा प्रदूषण
(b) मृदा अपरदन
(c) ताप प्रदूषण
(d) जलवायु परिवर्तन
Ans. (b): अत्यधिक चारण से भूमि को ढँकने वाली घास तथा वनस्पति नष्ट हो जाती है‚ जिसके कारण खुली भूमि में मृदा के कणों की पकड़ कमजोर हो जाती है और वे जल अथवा वायु के वेग से एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से बह जाते है‚ जिसके कारण भूमि की उर्वरता नष्ट हो जाती है।


55. नदी-मुहानों के लक्षण है−
(a) ताजा एवं खारा जल
(b) समृद्ध जैव-विविधता
(c) अधिक उत्पादकता
(d) ये सभी
Ans. (d): नदी मुहाने के निम्न लक्षण है− ताजा जल एवं खारा जल‚ समृद्ध जैव-विविधता‚ अधिक उत्पादकता।


56. वनों के कटान के प्रमुख परिणाम है
I. वन्य-प्राणियों के प्राकृतिक आवास का विनाश
II. जल-चक्रण पर प्रभाव
III. मृदा अपरदन उपरोक्त में से कौन-सा कथन सही है?
(a) केवल I (b) I और II
(c) केवल III (d) I, II और III
Ans. (d): वनो की कटाई का सीधा प्रभाव हमारे पारितंत्र पर पड़ता है। वनो की कटाई से वन्य-प्राणियों के प्राकृतिक आवास का विनाश तथा जल चक्रण पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। वनो की कटाई से मृदा अपरदन और आकस्मिक बाढ़े जैसे घटनाये घटित होती है। वनो की कटाई से मृदा सूखने लगती है उसमें पोषक तत्वों की कमी होने लगती है जिससे मृदा अपरदन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। वनावरण के कम होने से मृदा अपरदन तीव्र गति से होता है‚ जिससे नदियों में गाद जमाव की समस्या होती है। वन मृदा के अपरदन एवं भूस्खलन को रोकते है जिससे बाढ़‚ सूखे की तीव्रता में कमी आती है।


57. जल चक्र को नियन्त्रित करता है
(a) घास स्थल
(b) वन
(c) प्लवक
(d) उपरिरोही
Ans. (b): वन जल चक्र को नियमित करते है। वन वन्यजीवों के निवास होते हैं। इससे समाज का सौन्दर्य‚ पर्यटन और सांस्कृतिक मूल्य विकसित होता है। वनो का प्रभाव कार्बन चक्र व ऑक्सीजन चक्र पर भी पड़ता है। वन CO2 की उचित मात्रा वातावरण में बनाये रखते है। वन वातावरण में जल चक्र को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।


58. खाद्य शृंखला द्वारा घातक रसायनों की निरंतर बढ़ती मात्रा कहलाती है।
(a) पारिस्थितिक संतुलन
(b) जैव-सान्द्रण
(c) खाद्य स्तर
(d) जैव-अपघटन
Ans. (b): खाद्य शृंखला द्वारा घातक रसायनों की निरन्तर बढ़ती मात्रा जैव सान्द्रण कहलाती है। जैव सान्द्रण में पर्यावरण से किसी प्रदूषक का खाद्य शृंखला के प्रथम जीव में सान्द्रण बढ़ता जाता है।


59. निम्न में से कौन पर्यावरण के लिए हानिकारक है?
(a) कागज (b) कपड़ा
(c) धातु (d) प्लास्टिक
Ans: (d) प्लास्टिक का उपयोग करना पर्यावरण के लिए हानिकारक होता है क्योंकि इसे न तो नष्ट किया जा सकता है और न ही पुन: चक्रण किया जा सकता है।


60. पेड़ों की कटाई घटाती है
(a) वर्षा
(b) मृदा अपरदन
(c) भूस्खलन
(d) ये सभी
Ans. (a): पेड़ों की कटाई का सीधा प्रभाव हमारे पारितंत्र पर पड़ता है। पेड़ों की कटाई से मृदा अपरदन तीव्र गति से होता है। पेड़ मृदा के अपरदन व भू-स्खलन को रोकते है। जिससे बाढ़ और सूखे की तीव्रता में कमी आती है। पेड़ो की कटाई से वर्षा की मात्रा में कमी होती है‚ जिससे सूखा पड़ने की सम्भावना बढ़ जाती है।


61. आस-पास के वातावरण में पशुओं और पौधों के संबन्ध के अध्ययन को क्या कहते है?
(a) पारिस्थितिक विज्ञान
(b) नृजाति विज्ञान
(c) वंशावली विज्ञान
(d) प्रतिभाशाध्Eा
Ans: (a) पारिस्थितिकी जीव विज्ञान की एक शाखा है। जिसमें जीव समुदायो का उसके वातावरण के साथ पारस्परिक संबधो का अध्ययन करते है। प्रत्येक जन्तु या वनस्पति एक निश्चित वातावरण में रहता है। पारिस्थतिकी शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग अर्नेस्ट हैकल ने किया था।


62. चिपको नारा ‘‘पारिस्थितिकी की स्थायी अर्थव्यवस्था है’’ किसने गढ़ा था?
(a) चान प्रसाद भट्ट
(b) सुंदरलाल बहुगुणा
(c) श्याम प्रसाद बहुगुणा
(d) बचनी देवी
Ans: (b) पर्यावरण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सुन्दर लाल बहुगुणा का जन्म 9 जनवरी 1927 को वर्तमान उत्तराखण्ड में हुआ था। बहुगुणा को चिपको आंदोलन और बड़े बांध बनाए जाने के विरोधी आंदोलनों का प्रमुख नेता माना जाता है। भारत के प्रमुख पर्यावरण संरक्षक सुंदरलाल बहुगुणा के प्रयासो का ही नतीजा रहा कि आंदोलन के बाद 15 सालों तक के लिए उत्तराखण्ड में सरकार ने पेड़ काटने पर रोक लगा दिया। चिपको आंदोलन के दौरान लोग पेड़ों से चिपक जाते थे और पेड़ों को कटने से बचाते थे‚ इस कारण से इस आंदोलन को चिपको आंदोलन की संज्ञा दी गयी।


63. निम्न में से किसे अजैविक पर्यावरण के एक भाग के रूप में नहीं माना जाता है?
(a) पौधे
(b) वायु
(c) पानी
(d) मिट्टी
Ans: (a) जल‚ चट्टान‚ हवा‚ सूरज तापमान और आर्द्रता पारिस्थितिक तन्त्र में अजैविक घटकों के उदाहरण हैं‚ जो एक-दूसरे के साथ जुड़े हैं और जीवित जीवों को भी प्रभावित कर सकते हैं। मानव गतिविधियाँ शहरी पारिस्थितिक तंत्रों को प्रभावित करती है। उदाहरण के लिए शहरीकरण से कृषि विकास में कमी आयी है और बांधों‚ जलाशयों और नहरों के माध्यम से जल नियन्त्रण में वृद्धि हुयी है। पौधे वातावरण के जैविक घटक हैं। जिसके अधिकांश सदस्य प्रकाश संश्लेषण द्वारा शर्करा खाद्य बनाने में समर्थ होते हैं।


64. ‘‘इकोलॉजी’’ शब्द की रचना किसने की थी?
(a) अर्नस्ट हेकेल
(b) जी. एवलिन हचिन्सन
(c) ह्यूगो डी राईस
(d) रॉबर्ट ब्राउन
Ans: (a) सर्वप्रथम अनैस्ट हेकेल नामक प्राणिविज्ञान शास्त्री ने 1869 में इकोलॉजी शब्द का प्रयोग किया। इकोलाजी शब्द दो ग्रीक शब्दों Oikas-house (घर) तथा Logos-study (अध्ययन) से मिलकर बना है।


65. जीवाणु के वातावरण के जीवित भाग को………कहते हैं।
(a) अजैविक कारक
(b) आवास
(c) जैविक कारक
(d) अ-जीवित कारक
Ans: (c) जैविक घटक जीवित चीजे है जो एक पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देती है। जो किसी अन्य जीव की आबादी या पर्यावरण को प्रभावित करता है। जैविक कारकों का मानव जीवन पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है।


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